कांग्रेस पर बरसे सीएम योगी! बोले- अपनी हरकतों से बाज नहीं आई तो…
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे देश में अराजकता का पर्याय बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई, तो जनता उसके बचे-खुचे राजनीतिक अस्तित्व को भी समाप्त कर देगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।

सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है।
जनता का विश्वास खोने के कारणों पर विचार करे कांग्रेस
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता से मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक आचरण और नेतृत्व की कार्यशैली पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक रूप से जागरूक है और अराजक तथा अलोकतांत्रिक आचरण को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी।
41 साल से यूपी की सत्ता से बाहर है कांग्रेस
कांग्रेस के जनाधार का जिक्र करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने वर्ष 1985 में ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। इसके बाद से पार्टी प्रदेश में दोबारा सरकार नहीं बना सकी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के दूसरे राज्यों में भी कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक असफलताओं के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए, न कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने चाहिए।
दिल्ली में अव्यवस्था फैलाने का लगाया आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के जरिए आम नागरिकों को परेशान करने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर आम लोगों को परेशानी में डालना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध और अराजकता के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
चुनाव जीतने पर श्रेय, हारने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल
मुख्यमंत्री योगी ने चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर पार्टी अपनी सफलता का श्रेय अपने प्रयासों को देती है, जबकि हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है।
उन्होंने न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस के रवैये की भी आलोचना की। योगी के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों और मुद्दों के आधार पर बहस होनी चाहिए।
कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव की जरूरत बताई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक विफलताओं और नेतृत्व की कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आएगा।
उन्होंने कांग्रेस से अराजकता और कथित तौर पर जनता को गुमराह करने की राजनीति छोड़कर मुद्दों तथा तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की अपील की।
रवैया नहीं बदला तो राजनीतिक नुकसान की चेतावनी
अपने बयान के अंत में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस को चेतावनी दी कि यदि उसने अपना राजनीतिक रवैया नहीं बदला और अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करना जारी रखा, तो उसे और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है और राजनीतिक दलों को अपने आचरण के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस पर लगाए गए ये आरोप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया शामिल होने से मामले का व्यापक पक्ष सामने आ सकेगा।







