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बरेली में गरजे CM योगी, सपा पर साधा निशाना, बोले- पहले त्योहारों पर रहता था डर!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुराने शासन को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पहले उपद्रव के कारण लोग उत्सव मनाना भूल जाते थे. मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और त्योहारों के माहौल में आए बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है. बरेली में दिए गए इस बयान के जरिए सीएम योगी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए अपनी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में बेहतर माहौल होने का दावा किया.
 
BAREILLY UTTAR PRADESH

Bareilly, UP:  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसी भी आयोजन से पहले उपद्रव शुरू हो जाता था और लोग उत्सव मनाना भूल जाते थे। अब प्रदेश में लोग उपद्रव भूल गए हैं और हर गांव, हर क्षेत्र में आयोजनों के दौरान भीड़ उमड़ रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने लोगों को सुरक्षित माहौल दिया है, जिसके कारण वे बेझिझक और निडर होकर घरों से निकल रहे हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बरेली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और कानून-व्यवस्था, प्रदेश की बदलती छवि, ग्राम प्रहरियों की भूमिका तथा उनके कल्याण से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की भी जानकारी दी।

‘यूपी में अब सुरक्षित माहौल में मनाए जा रहे उत्सव’

सीएम योगी ने कहा कि पहले आयोजनों से पहले उपद्रव की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में लोगों का उत्साह इस विश्वास का परिणाम है कि उनकी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता।

मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर लोग सुरक्षित माहौल में आस्था के साथ पूजा-अर्चना और दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे से जोड़ा।

‘पहले यूपी के लोगों को पहचान छिपानी पड़ती थी’

पूर्व की सपा सरकार पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले कुछ लोगों की गलतियों के कारण पूरे उत्तर प्रदेश को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा कि प्रदेश से बाहर जाने वाले लोगों को अपनी पहचान बताने में परेशानी होती थी। उनके अनुसार, कई बार यूपी के लोगों को धर्मशालाओं और होटलों में कमरे मिलने में दिक्कत होती थी और विवाद की स्थिति में उन्हें अपमान का सामना करना पड़ता था।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों, व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों के सामने पहचान का संकट था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की छवि बदली है। अब उत्तर प्रदेश में निवेश आ रहा है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

ग्राम प्रहरियों को बताया गांव का CCTV

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें गांव का सीसीटीवी बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह शहरों में सीसीटीवी कैमरे निगरानी में मदद करते हैं, उसी तरह ग्राम प्रहरी गांवों में संदिग्ध गतिविधियों और संभावित घटनाओं की जानकारी जुटाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में छिनैती और लूट की घटनाओं को लेकर स्थिति चिंताजनक थी। उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता था। वहीं, मौजूदा सरकार में अपराधियों के मन में कानून का डर होने का दावा किया।

उन्होंने ग्राम प्रहरियों को निर्देश दिया कि वे गांवों में सूचनाएं एकत्र करें और किसी आपात स्थिति में तत्काल थाना प्रभारी या संबंधित पुलिस अधिकारी को जानकारी दें। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी स्थानीय स्तर पर सजग रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों और करीब 1,05,000 राजस्व गांवों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अहम है।

ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाने की तैयारी

योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के मानदेय में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को कुल 1,500 रुपये मासिक मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया। इस तरह उनके मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ग्राम प्रहरियों का मानदेय और बढ़ाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके साथ ही करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों की भूमिका को अब सम्मान दिया जा रहा है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है।

वन्यजीवों के खतरे और भूमि माफिया पर भी नजर रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों में बरसात के दौरान वन्यजीवों से उत्पन्न होने वाले खतरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कई लकड़बग्घों को रेस्क्यू कर चिड़ियाघर भेजा गया और बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं को रेस्क्यू किया गया।

उन्होंने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के प्रति जागरूकता फैलाने और किसी संभावित खतरे की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की। इसके अलावा, सड़कों के चौड़ीकरण के कारण जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए उन्होंने भूमि माफियाओं की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा।

सीएम योगी ने कहा कि समय पर सूचना मिलने से कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। होमगार्ड, पीआरडी कर्मियों, ग्राम चौकीदारों और ग्राम प्रहरियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गांव सुरक्षित होंगे तो वे आत्मनिर्भर बनेंगे और विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देंगे। ग्राम प्रहरियों का मुख्य दायित्व सजग रहना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और समय पर पुलिस को सूचना देना है।

मुख्यमंत्री ने टीम भावना से काम करने की अपील करते हुए कहा कि गांवों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में ग्राम प्रहरियों का योगदान महत्वपूर्ण है।