CM योगी बोले- जनता का भरोसा टूटा तो समझिए सरकार गई, 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव मिल रहा राशन
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को लेकर सरकार की जवाबदेही पर जोर दिया। लखनऊ में आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत किसी संवैधानिक संस्था के प्रति आम नागरिक का भरोसा है। यदि जनता का विश्वास कायम है, तो संस्थाओं की विश्वसनीयता और प्रभाव दोनों मजबूत होते हैं।
‘जनता का भरोसा टूटा तो समझिए सरकार गई’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस की बुनियाद पब्लिक ट्रस्ट पर टिकी है। जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा और गर्व महसूस नहीं करेगा, तब तक सुशासन का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सिर्फ संवैधानिक संस्था बना देना पर्याप्त नहीं है। असली कसौटी यह है कि आम नागरिक वहां बिना किसी डर या झिझक के पहुंचे और उसकी शिकायत का उचित परिणाम सामने आए।
सीएम योगी ने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का जिक्र करते हुए कहा कि जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि अगर अपना विश्वास खो देता है तो समझना चाहिए कि वहां सरकार भी चली गई। उन्होंने कहा कि जनता के पास अधिकार है कि वह अगले चुनाव में अपने प्रतिनिधि को बदलकर किसी दूसरे व्यक्ति को मौका दे।
न्याय में भेदभाव नहीं, शिकायतों का मेरिट पर हो निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान में न्याय, सत्य और समता मूलभूत आवश्यकताएं हैं। हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है और शिकायतों का समाधान बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के ‘समत्वं योग उच्यते’ के भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के साथ समान भाव से व्यवहार होना चाहिए, चाहे वह किसी भी मत या विचार से जुड़ा हो। किसी नागरिक की शिकायत को उसकी पहचान या प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि उसके मेरिट के आधार पर देखा जाना चाहिए।
तकनीक ने बदली राशन वितरण व्यवस्था
सीएम योगी ने अपने शासन के अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2017 में जनता दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिकायतें सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS से जुड़ी आती थीं। उन्होंने कहा कि उस समय जनता दर्शन में आने वाले 100 लोगों में करीब 60 शिकायतें राशन वितरण से संबंधित होती थीं।
इसके बाद सरकार ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ई-पॉस मशीनों को सिस्टम से जोड़ा और मुख्यालय से उनकी निगरानी की व्यवस्था की। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश की करीब 80 हजार राशन दुकानों में कहीं भी ई-पॉस मशीन से छेड़छाड़ होने पर मुख्यालय को अलर्ट मिल जाता है।
उन्होंने दावा किया कि इसका असर अब साफ दिखाई देता है। वर्तमान में जनता दर्शन में करीब 500 लोग पहुंचते हैं, लेकिन PDS को लेकर शिकायतें लगभग शून्य हो गई हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश में करीब 16 करोड़ लोगों को बिना भेदभाव राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
लैंड यूज मामलों में 30 दिन की समय सीमा
मुख्यमंत्री ने लैंड यूज से जुड़े मामलों के निस्तारण का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि 30 दिन के भीतर मामला निस्तारित नहीं होता है तो उसे डीम्ड माना जाएगा और किसी तरह की गलती होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
सीएम योगी के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में लैंड यूज से जुड़े करीब 34 लाख मामलों का समाधान किया गया है। इस दौरान करीब 9 लाख नए मामले भी सामने आए हैं, जिनका मेरिट के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है।
संस्थाओं की असली परीक्षा परिणाम देने में
लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि वह आम नागरिक के विश्वास पर कितनी खरी उतरती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम व्यक्ति तक न्याय और समाधान पहुंचाना ही संस्थाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनविश्वास सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि संस्थाओं के कामकाज का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है।







