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कानपुर में भरभराकर ढहा मकान! 4 की मौत, मलबे में दबी बच्ची की तलाश जारी

Kanpur: शहर में एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया. हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में एक बच्ची के दबे होने की आशंका है. बच्ची की तलाश के लिए राहत और बचाव दल लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
 
KANPUR

Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लगातार बारिश के बीच दर्दनाक हादसा हो गया। पतारा क्षेत्र के हिरनी गांव में कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबी 19 वर्षीय काजल की तलाश अभी जारी है।

Kanpur:चंद्रनगर में जर्जर मकान की छत भरभराकर ढही, मलबे में दबकर दो  किशोरियों समेत चार घायल, हैलट में भर्ती - Kanpur roof Of Dilapidated House  Collapsed Suddenly Four People ...

मलबे में कुल पांच लोगों के दबे होने की सूचना थी, जिनमें से चार की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में 45 वर्षीय मुकेश, 16 वर्षीय माया, 12 वर्षीय नीतू और 7 वर्षीय पल्लवी शामिल हैं। राहत और बचाव दल मलबा हटाकर काजल की तलाश में जुटा है।

एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची। मलबे को हटाकर दबे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन चार लोगों को बचाया नहीं जा सका।

फिलहाल 19 वर्षीय काजल के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

मुरादाबाद में भी जर्जर इमारत भरभराकर गिरी

वहीं, लगातार बारिश के बीच मुरादाबाद से भी इमारत गिरने की घटना सामने आई है। शनिवार को सड़क किनारे बनी चार मंजिला जर्जर इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर धूल का गुबार छा गया।

इमारत के मलबे की चपेट में आने से आसपास लगे बिजली के पोल भी टूट गए। हाईटेंशन तार जमीन पर गिरने के बाद उनमें चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

हादसे में किसी की जान नहीं गई

गनीमत रही कि इमारत गिरने के समय उसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।

सांसद ने घटना को बेहद दुखद बताया और प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

बारिश के बीच जर्जर इमारतों को लेकर बढ़ी चिंता

बताया गया कि मुरादाबाद में इमारत अपने आप गिरी और हादसे में किसी की जान नहीं गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी फैलने लगीं। लोगों से अपील की गई है कि बिना पुष्टि किसी भी सूचना पर भरोसा न करें।

लगातार बारिश के बीच पुराने और जर्जर मकानों व इमारतों को लेकर स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है। कानपुर में हुए हादसे ने एक बार फिर बारिश के दौरान कमजोर निर्माण वाले मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।