सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने पर बढ़ा विवाद, अन्ना हजारे ने सरकार से बातचीत की अपील; पत्नी बोलीं- ‘पारदर्शिता की कमी से भरोसा नहीं’
New Delhi: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सरकार से अपील की है कि वह सोनम वांगचुक से बातचीत करे और उनकी मांगों पर स्पष्ट रुख सामने रखे।
अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार को वांगचुक के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि सरकार को उनकी मांगों को स्वीकार करना है या अस्वीकार, इस पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
पत्नी का दावा- अभी भी जारी है अनशन
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनका अनशन जारी है। उनके मुताबिक, वांगचुक फिलहाल सिर्फ नमक वाला पानी ले रहे हैं, जिसका सेवन वह पहले भी कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल होंगे। हालांकि, उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं है कि वह मार्च में किस तरह हिस्सा लेंगे।
अस्पताल की व्यवस्था पर पत्नी ने उठाए सवाल
गीतांजलि आंग्मो ने अस्पताल में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए सोनम वांगचुक को वहां से छुट्टी देने की मांग की है। उन्होंने अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती और परिवार के सदस्यों को मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने परिवार को बताया है कि वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर 4.3 से घटकर 2.9 हो गया है। हालांकि, परिवार को मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई। आंग्मो ने कहा कि इसी वजह से परिवार को अस्पताल की ओर से दी जा रही जानकारी को लेकर चिंता है।
‘पहले स्वतंत्र जांच, फिर इलाज की अनुमति’
वांगचुक की पत्नी ने कहा कि परिवार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की स्वतंत्र जांच कराना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि किसी भी दवा या उपचार की अनुमति देने से पहले दूसरी लैब से जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि परिवार को सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भरोसा है और उन्हें जल्द ही ऐसे अस्पताल में ले जाने का प्रयास किया जाएगा, जिस पर परिवार को विश्वास हो।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और उनके आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।







