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Farakka Rail Line पर फिर मंडराया खतरा! 24 घंटे में एक और तबाही के आसार, ट्रेनों पर ब्रेक

Farakka: फरक्का रेल लाइन पर संकट अभी टला नहीं है. अगले 24 घंटे हालात के लिहाज से बेहद अहम बताए जा रहे हैं और एक बार फिर तबाही की आशंका बनी हुई है. स्थिति सामान्य होने तक रेल परिचालन बहाल होने की फिलहाल उम्मीद नहीं है. 
 
BENGAL NEWS

Farakka: पश्चिम बंगाल के फरक्का में रेलवे लाइन पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। न्यू फराक्का रेलवे स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंसने के बाद मरम्मत का काम चल ही रहा था कि शुक्रवार सुबह एक और भूस्खलन हो गया। इस बार रेलवे लाइन का करीब 15 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे मरम्मत कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया है।

many Trains Cancelled and Diverted after New Farakka Express Derailment |  न्यू फरक्का ट्रेन दुर्घटना: यात्रियों की बढ़ी परेशानी 5 ट्रेनें रद्द और कई  रेलगाडि़यों के रूट में ...

बार-बार जमीन धंसने के कारण रेलवे कर्मचारियों को प्रभावित हिस्से को सुरक्षित बनाने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। फिलहाल हालात को देखते हुए ट्रेन सेवाओं के जल्द बहाल होने की संभावना नहीं जताई जा रही है।

मरम्मत के बीच फिर धंसी जमीन

जानकारी के अनुसार, न्यू फराक्का स्टेशन की अपलाइन के पास गुरुवार सुबह रेलवे लाइन के नीचे की जमीन धंस गई थी। इसके बाद रेलवे की टीम ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू किया।

लेकिन काम पूरा होने से पहले ही प्रभावित क्षेत्र के आसपास फिर से मिट्टी धंसने लगी। शुक्रवार सुबह पुराने प्रभावित स्थान से कुछ दूरी पर एक और भूस्खलन हुआ। इससे रेलवे लाइन का लगभग 15 मीटर हिस्सा प्रभावित हो गया।

रेलवे कर्मचारियों के सामने अब पहले से ज्यादा बड़े हिस्से को स्थिर करने और ट्रैक को सुरक्षित बनाने की चुनौती है।

नयनजुली में बढ़ते जलस्तर से बढ़ी परेशानी

सूत्रों के मुताबिक, क्षेत्र की नयनजुली में जलस्तर बढ़ने के कारण जमीन में नमी और दबाव बढ़ रहा है। इससे रेलवे लाइन के नीचे की मिट्टी कमजोर हो रही है और जगह-जगह धंसने की स्थिति बन रही है।

मरम्मत के दौरान नई मिट्टी धंसने से काम की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है। रेलवे की टीम लगातार स्थिति का आकलन कर रही है।

बिजली के खंभे भी झुके

नए भूस्खलन के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रभावित हिस्से में रेलवे लाइन धंसने के साथ बिजली के खंभों के झुकने की भी जानकारी सामने आई है।

रेलवे अधिकारियों ने माना है कि भूस्खलन के कारण मरम्मत के दौरान परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो रही हैं। ऐसे में ट्रैक को सुरक्षित किए बिना सामान्य ट्रेन परिचालन शुरू करना मुश्किल है।

ट्रेन सेवा बहाली पर फिलहाल संशय

रेलवे सूत्रों के अनुसार, प्रभावित ट्रैक को पूरी तरह सुरक्षित और परिचालन योग्य बनाने में समय लग सकता है। इसी वजह से शुक्रवार शाम तक संभावित ट्रेन सेवाओं को लेकर भी रेलवे को निलंबन का फैसला लेना पड़ सकता है।

इसका सीधा असर उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल यातायात पर पड़ सकता है। यात्रियों को ट्रेन परिचालन सामान्य होने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है।

भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता

मुर्शिदाबाद में अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना ने रेलवे की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार और शनिवार को जिले में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है।

बारिश जारी रहने पर प्रभावित क्षेत्र में मिट्टी के और कमजोर होने तथा नए भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। इससे मरम्मत कार्य की गति भी प्रभावित होने की आशंका है।

बीरभूम में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। चक्रवाती गतिविधि के प्रभाव से मानसून के सक्रिय होने के बीच रेलवे के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित ट्रैक को सुरक्षित बनाना और लगातार हो रहे भू-धंसाव को रोकना है।

रेलवे के सामने दोहरी चुनौती

फरक्का में एक के बाद एक भूस्खलन ने रेलवे के लिए चुनौती बढ़ा दी है। एक ओर क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत जरूरी है, वहीं दूसरी ओर जमीन के लगातार धंसने के कारण मरम्मत किए गए हिस्से के दोबारा प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।

अब रेलवे की नजर मौसम और जलस्तर पर भी है। जब तक प्रभावित हिस्से को स्थिर कर ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर ली जाती, तब तक ट्रेन सेवाओं की सामान्य बहाली मुश्किल मानी जा रही है।