खतरे का संकेत: बक्सर में गंगा का रौद्र रूप! 60.02 मीटर पहुंचा जलस्तर, घरों में घुसा पानी
Varanasi: काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है, जिसका असर वाराणसी के तटवर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मणिकर्णिका घाट की गलियों में पानी भरने के बाद अब वहां नावों का सहारा लिया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ रही हैं।
मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावों का सहारा
गंगा का पानी बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट के आसपास की निचली गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। घाट तक पहुंचने और शवों को ले जाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शवों के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां भी नावों के जरिए पहुंचाई जा रही हैं।
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बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार का कार्य जारी है। घाट की छतों पर चिताएं जल रही हैं। बाढ़ के पानी ने जहां सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं अंतिम संस्कार की व्यवस्था को भी बदल दिया है।
छतों पर जारी गंगा आरती, आस्था पर नहीं पड़ा असर
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच काशी की आस्था भी कायम है। बाढ़ के कारण घाटों का स्वरूप बदल गया है, लेकिन गंगा आरती का आयोजन जारी है। कई स्थानों पर छतों से गंगा आरती की जा रही है।
बाढ़ की चुनौती के बीच श्रद्धालुओं की आस्था का यह दृश्य काशी की धार्मिक परंपरा और लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

तटवर्ती इलाकों में बढ़ी लोगों की परेशानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो आसपास के दूसरे निचले मोहल्ले भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
जलभराव के कारण लोगों के आवागमन, रोजमर्रा के काम और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की टीमों की मुस्तैदी बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न लें और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन और राहत-बचाव टीमों से संपर्क करने को कहा गया है।
वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की नजर जलस्तर में होने वाले बदलाव पर बनी हुई है।







