Newshaat_Logo

खतरे का संकेत: बक्सर में गंगा का रौद्र रूप! 60.02 मीटर पहुंचा जलस्तर, घरों में घुसा पानी

Varanasi:  गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के ऊपर पहुंचने से काशी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. मणिकर्णिका घाट की गलियों में पानी भरने के बाद नावें चलने लगी हैं. छतों पर अंतिम संस्कार का कार्य जारी है और नावों से शव व लकड़ियां पहुंचाई जा रही हैं. बाढ़ के बीच गंगा आरती भी जारी है. प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए NDRF और SDRF की टीमों की तैनाती बढ़ा दी है.
 
VARANASI

Varanasi: काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। गंगा चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है, जिसका असर वाराणसी के तटवर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मणिकर्णिका घाट की गलियों में पानी भरने के बाद अब वहां नावों का सहारा लिया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ रही हैं।

वाराणसी में बाढ़ का कहर, गंगा और वरूणा का पानी बस्तियों में घुसा, 1978 के  रिकॉर्ड को तोड़ सकती है तबाही! - varanasi flood crisis ganga varuna  destruction 2025 lclcn - AajTak

मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावों का सहारा

गंगा का पानी बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट के आसपास की निचली गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। घाट तक पहुंचने और शवों को ले जाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शवों के साथ-साथ अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां भी नावों के जरिए पहुंचाई जा रही हैं।

The water level of Ganga is rising towards the danger mark

बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार का कार्य जारी है। घाट की छतों पर चिताएं जल रही हैं। बाढ़ के पानी ने जहां सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं अंतिम संस्कार की व्यवस्था को भी बदल दिया है।

छतों पर जारी गंगा आरती, आस्था पर नहीं पड़ा असर

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच काशी की आस्था भी कायम है। बाढ़ के कारण घाटों का स्वरूप बदल गया है, लेकिन गंगा आरती का आयोजन जारी है। कई स्थानों पर छतों से गंगा आरती की जा रही है।

बाढ़ की चुनौती के बीच श्रद्धालुओं की आस्था का यह दृश्य काशी की धार्मिक परंपरा और लोगों के विश्वास को दर्शाता है।

Varanasi News: सावधान ! एक बार फिर वाराणसी में बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर,  जानें- अभी के हालात | Varanasi News water level of Ganga has started rising  ann

तटवर्ती इलाकों में बढ़ी लोगों की परेशानी

गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो आसपास के दूसरे निचले मोहल्ले भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

जलभराव के कारण लोगों के आवागमन, रोजमर्रा के काम और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की टीमों की मुस्तैदी बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह का जोखिम न लें और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन और राहत-बचाव टीमों से संपर्क करने को कहा गया है।

वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की नजर जलस्तर में होने वाले बदलाव पर बनी हुई है।