पूजा से ठीक एक दिन पहले तबाही! भव्य पंडाल में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान
West Bengal: पश्चिम बंगाल में दीपावली और काली पूजा की तैयारियों के बीच पूर्व मेदिनीपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। पांशकुड़ा के यशोड़ा गांव में शनिवार शाम अचानक लगी आग ने काली पूजा के लिए तैयार किए गए भव्य पंडाल को पूरी तरह तबाह कर दिया। लाखों रुपये की लागत से बने इस पंडाल में आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा ढांचा जलकर राख हो गया। घटना काली पूजा से ठीक एक दिन पहले हुई, जिससे आयोजकों और स्थानीय ग्रामीणों की तैयारियों पर पानी फिर गया।

उद्घाटन से पहले पंडाल में लगी आग
यह घटना पांशकुड़ा थाना क्षेत्र के यशोड़ा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, यशोड़ा कालीबाजार व्यवसायी समिति और ग्रामीणों की ओर से बड़े स्तर पर काली पूजा का आयोजन किया जा रहा था। इसके लिए आकर्षक और भव्य पंडाल तैयार कराया गया था। शनिवार शाम करीब पांच बजे अचानक पंडाल से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पांशकुड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक पंडाल और उसके भीतर रखा पूजा से जुड़ा सामान जलकर नष्ट हो चुका था।
लाखों का नुकसान, किसी के हताहत होने की खबर नहीं
इस अग्निकांड में पूजा पंडाल और सजावट के सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। पंडाल का उद्घाटन होने से पहले ही सब कुछ जल जाने से पूजा आयोजकों को बड़ा झटका लगा है।
आयोजकों और ग्रामीणों में मायूसी
दीपावली और काली पूजा को लेकर पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। पंडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा था और पूजा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। लेकिन ऐन मौके पर हुए इस हादसे ने उत्सव की खुशियों को फीका कर दिया। स्थानीय ग्रामीण और आयोजक घटना से बेहद निराश हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग स्थित चालता फॉरेस्ट में भी भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। वहां आग की चपेट में आने से कई छोटे-बड़े पेड़ जल गए थे। लगातार आग की घटनाओं ने राज्य में चिंता बढ़ा दी है।







