अभ्युदय योजना से मिली दिशा, UPPSC में SDM बनीं सोनम यादव; ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं मिसाल
UP News: सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने की कहानी अयोध्या की सोनम यादव की है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के जरिए मार्गदर्शन और बेहतर तैयारी का अवसर पाने वाली सोनम ने UPPSC-2024 में उप जिलाधिकारी (SDM) पद पर सफलता हासिल की है। फिलहाल वह लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रशासनिक प्रशिक्षण ले रही हैं।
सोनम की सफलता खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र की उन छात्राओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
गांव से SDM बनने तक का सफर
अयोध्या जिले के मवई ब्लॉक के हारिका पांडे का पुरवा, गड़ौरा गांव की रहने वाली सोनम यादव ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत मिले मार्गदर्शन का लाभ उठाया। योजना के माध्यम से उन्हें पढ़ाई की सामग्री, विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिला।
सोनम के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं में सिर्फ मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं है। सही दिशा और समय पर मिलने वाला मार्गदर्शन भी तैयारी को मजबूत बनाता है। अभ्युदय योजना से मिले सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और तैयारी को व्यवस्थित करने में मदद की।
प्रशिक्षण में प्रशासन की बारीकियां सीख रहीं सोनम
SDM पद पर चयन के बाद अब सोनम प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रशिक्षण ले रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें प्रशासनिक प्रक्रियाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विषयों की जानकारी दी जा रही है।
इसके साथ ही आम लोगों के साथ संवाद और उनकी समस्याओं को समझने पर भी प्रशिक्षण में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सोनम का कहना है कि यह अनुभव उन्हें एक संवेदनशील और जनकेंद्रित अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार कर रहा है।
बेटियों को दे रहीं मेहनत और अनुशासन का संदेश
अपनी सफलता के बाद सोनम युवाओं और छात्राओं को लगातार प्रेरित कर रही हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य, सही रणनीति, नियमित पढ़ाई और लगातार अभ्यास जरूरी है।
ग्रामीण इलाकों और सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों से सोनम कहती हैं कि परिस्थितियां उनके सपनों की सीमा नहीं बननी चाहिए। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने पर मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
योजनाओं को मानती हैं अवसर का जरिया
सोनम के अनुसार सरकार की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाएं युवाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रही हैं। उनका मानना है कि प्रतिभा और मेहनत मौजूद हो तो सही सरकारी सहयोग सफलता तक पहुंचने का रास्ता आसान कर सकता है।
एक भावी प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर सोनम पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन को अपनी प्राथमिकता मानती हैं। उनका लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
सोनम यादव की कहानी उन युवाओं के लिए उम्मीद की मिसाल है, जो सीमित संसाधनों के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। गांव से निकलकर SDM पद तक पहुंचने का उनका सफर यह संदेश देता है कि सही दिशा, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ बड़े सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।







