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Durgapur Barrage Alert: 1.11 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, निचले इलाकों में बढ़ा खतरा

Durgapur: पश्चिम बंगाल में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण दुर्गापुर बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. जलस्तर बढ़ने के बाद बराज से 1,11,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
 
DURGAPUR FLOOD ALERT

Durgapur: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर शहर और आसपास के इलाकों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी बीच दुर्गापुर बराज से 1,11,400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

तेजी से बढ़ रहा दुर्गापुर बराज का जलस्तर

दुर्गापुर सिंचाई विभाग के अधिकारी संजय मजूमदार ने बुधवार को बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण दुर्गापुर बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, 2 सितंबर की सुबह 7:30 बजे बराज से करीब 82,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद जलस्तर बढ़ने के साथ पानी छोड़ने की मात्रा भी बढ़ी और दोपहर 12:30 बजे तक 1,11,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था।

सिंचाई विभाग के अधिकारी के अनुसार, बारिश और जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार आगे भी स्थिति का आकलन किया जाएगा।

दुर्गापुर के निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद दुर्गापुर शहर के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही लगातार बारिश के कारण कई जगह जलजमाव की स्थिति बनी हुई है।

सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।

प्रशासन और संबंधित विभाग जलजमाव वाले इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

कहां कितनी हुई बारिश?

पिछले 24 घंटे के दौरान विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार:

               स्थान                                                               24 घंटे में वर्षा                                           मानसून में कुल वर्षा                                         
सतकहानिया 48.60 मिमी 644.10 मिमी
भेदिया 93.00 मिमी 831.50 मिमी
रोनडीहा 32.20 मिमी 1,157.46 मिमी
दुर्गापुर 41.80 मिमी 936.74 मिमी
आसनसोल 99.60 मिमी 1,554.78 मिमी
कांटाबांध 45.00 मिमी 879.30 मिमी
राधानगर 27.00 मिमी 1,391.00 मिमी
गुस्कारा 120.00 मिमी 1,477.50 मिमी
गंगाजलघाटी 139.40 मिमी 1,183.00 मिमी

इन आंकड़ों में गंगाजलघाटी में 139.40 मिमी, गुस्कारा में 120 मिमी और आसनसोल में करीब 100 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

आसपास के बांधों में भी हुई भारी बारिश

दुर्गापुर के आसपास स्थित जलाशयों और बांध क्षेत्रों में भी पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

बांध/क्षेत्र                                            वर्षापात                                             
जामताड़ा 118.00 मिमी
हरिनखोला 15.00 मिमी
मैथन 44.20 मिमी
पंचेत 37.20 मिमी
तेनुघाट 51.00 मिमी
तिलैया 118.00 मिमी
कोनार 78.20 मिमी
घेरोपाड़ा 119.00 मिमी
सिकटिया 80.40 मिमी

इन इलाकों में हुई बारिश का असर नदी और जलाशयों के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। ऐसे में सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।

इस मानसून दुर्गापुर में 936.74 मिमी बारिश

मानसून सीजन में भी दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में पर्याप्त बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रोनडीहा में अब तक 1,157.46 मिमी, दुर्गापुर में 936.74 मिमी, आसनसोल में 1,554.78 मिमी और कांटाबांध में 879.30 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

आसपास के नदी बेसिनों में भी बारिश का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

गंगाजलघाटी में 24 घंटे में 139.40 मिमी बारिश

द्वारकेश्वर नदी बेसिन के राधानगर में पिछले 24 घंटे के दौरान 27 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं कुनूर नदी बेसिन के गुस्कारा में 120 मिमी और शाली नदी बेसिन के गंगाजलघाटी में 139.40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मानसून सीजन में अब तक राधानगर में कुल 1,391 मिमी, गुस्कारा में 1,477.50 मिमी और गंगाजलघाटी में 1,183 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

आगे भी बारिश हुई तो बढ़ सकती है परेशानी

लगातार बारिश और दुर्गापुर बराज से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा और जलस्तर में और वृद्धि हुई, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और नदी, बराज तथा जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।