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SIR के बाद EC का बड़ा फैसला! बंगाल समेत 20 राज्यों में फिर जुड़ेंगे वोटरों के नाम, घर जाएंगे BLO

SIR Voter List :   विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग ने 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है. इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO, SIR से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना करेंगे और छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान में मदद करेंगे. 
 
KOLKATA

SIR Voter List:   मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद चुनाव आयोग ने पात्र लेकिन मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। शुक्रवार से शुरू हो रहे इस अभियान में उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर फोकस किया जा रहा है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

SIR voter verification campaign begins today - The Hitavada

आयोग के निर्देश के मुताबिक, बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO घर-घर जाकर उन मतदाताओं की जानकारी जुटाएंगे, जिनका नाम पिछली मतदाता सूची में था लेकिन मौजूदा सूची में नहीं है। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी।

पिछली और मौजूदा वोटर लिस्ट का होगा मिलान

इस विशेष अभियान के तहत BLO पिछली मतदाता सूची और वर्तमान मतदाता सूची की तुलना करेंगे। इस प्रक्रिया में उन लोगों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम पिछली सूची में मौजूद था लेकिन मौजूदा सूची में दिखाई नहीं दे रहा है।

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इसके बाद BLO संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे। यदि कोई व्यक्ति मतदान के लिए पात्र पाया जाता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए Form-6 भरने की प्रक्रिया में सहायता की जाएगी।

चुनाव आयोग के पहले जारी निर्देशों में भी BLO को नए पात्र मतदाताओं के लिए Form-6 उपलब्ध कराने और घर-घर सत्यापन के दौरान ऐसे लोगों की मदद करने को कहा गया था।

पहली बार वोट देने वालों को भी मिलेगा मौका

विशेष अभियान का फोकस सिर्फ उन लोगों पर नहीं होगा जिनके नाम SIR के दौरान छूट गए हैं। पहली बार मतदान के योग्य हुए युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया में सहायता दी जाएगी।

इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक अद्यतन और समावेशी बनाना है।

राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी जानकारी

अभियान के दौरान तैयार की गई सूचियों और फील्ड वेरिफिकेशन से जुड़ी जानकारी को संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया के अनुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे पात्र लेकिन छूटे मतदाताओं के नाम शामिल कराने के लिए आवश्यक दावे प्रस्तुत कर सकें।

SIR की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भागीदारी का भी प्रावधान रहा है।

बेघर और वंचित लोगों पर भी नजर

चुनाव आयोग के अभियान का एक अहम पहलू ऐसे लोगों तक पहुंचना भी है, जो सामान्य परिस्थितियों में मतदाता सूची में शामिल होने की प्रक्रिया से बाहर रह जाते हैं। इनमें बेघर और वंचित समूहों के पात्र लोग शामिल हो सकते हैं।

जरूरत के मुताबिक ऐसे लोगों के लिए विशेष कैंप या सहायता केंद्र आयोजित किए जाने की व्यवस्था भी की जा सकती है, ताकि पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकें।

BLO के लिए तय किया गया लक्ष्य

जानकारी के मुताबिक, अभियान के दौरान BLO को हर सप्ताह निर्धारित संख्या में मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन करने का लक्ष्य दिया गया है। इसका उद्देश्य इस प्रक्रिया को तय समयसीमा के भीतर पूरा करना है।

SIR के दौरान BLO द्वारा कई मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत के रूप में चिह्नित किया गया था। अब विशेष अभियान के जरिए उन मामलों की भी पड़ताल की जाएगी, जहां पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए हैं।

नाम छूटा है तो क्या करें?

यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मौजूदा मतदाता सूची में नहीं है, तो वह Form-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, पात्र नागरिकों के लिए Form-6 नामांकन का निर्धारित माध्यम है।

इसलिए मतदाताओं को सलाह है कि वे अपना नाम मौजूदा मतदाता सूची में जरूर जांचें और नाम नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।

क्या है SIR?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं को शामिल करने के साथ-साथ मृत, स्थानांतरित या अन्य कारणों से अयोग्य हो चुके नामों की पहचान करना है।

चुनाव आयोग के दस्तावेजों में SIR की प्रक्रिया के दौरान BLO द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म वितरण, संग्रह और सत्यापन का प्रावधान बताया गया है।

ऐसे में SIR के बाद शुरू हुआ यह विशेष अभियान उन पात्र मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनका नाम किसी कारण से मौजूदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है।