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‘सबका हिसाब होगा’, CM की चेतावनी के बाद बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल

West Bengal: मुख्यमंत्री बनने के बाद नंदीग्राम के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया. मंच से विपक्ष और उपद्रवियों को सीधी चेतावनी देते हुए उन्होंने एक नया और आक्रामक नारा दिया. मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा, "सबका साथ, सबका विकास तो निश्चित रूप से होगा, लेकिन इसके साथ ही अब सबका हिसाब भी होगा!"
 
WEST BENGAL

West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब सिर्फ ‘सबका साथ, सबका विकास’ नहीं, बल्कि ‘सबका हिसाब’ भी होगा.  उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से किए गए वादों का जवाब सरकार को देना पड़ेगा और हर फैसले का हिसाब जनता मांगेगी.

'सबका साथ, सबका विकास' की कोई जरूरत नहीं... जो हमारे साथ, हम उसके साथ...,  बंगाल में बोले बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी - There is no need for Sabka  Saath Sabka Vikas said BJP leader Shubhendu Adhikari in Bengal ntc - AajTak

एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर लोग अब सवाल पूछ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट है. 

मुख्यमंत्री बनने के बाद नंदीग्राम के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया. मंच से विपक्ष और उपद्रवियों को सीधी चेतावनी देते हुए उन्होंने एक नया और आक्रामक नारा दिया. मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा, "सबका साथ, सबका विकास तो निश्चित रूप से होगा, लेकिन इसके साथ ही अब सबका हिसाब भी होगा!"

इस दौरान उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सख्त सलाह दी और साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में न ले. अपराधियों और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देते हुए सीएम ने चेतावनी दी, "उन सभी के लिए एकमात्र जगह जेल है. मैं एक भी अपराधी को नहीं बख्शूंगा और हर एक से पूरी जवाबदेही तय की जाएगी."

इस रैली में मुख्यमंत्री ने राज्य में राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार हुए कार्यकर्ताओं की बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में नंदीग्राम सहित पूरे बंगाल में भाजपा के लगभग 4,500 समर्थकों को झूठे और मनगढ़ंत मामलों में फंसाया गया. मुख्यमंत्री ने देश के कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे इन सभी झूठे मुकदमों से पूरी तरह कानूनी और संवैधानिक तरीकों से निपटेंगे.

सोनार बांग्ला का वादा

शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की बदहाली को लेकर भी तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने बंगाल में माकपा के 34 साल और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से खोखला कर दिया है.

राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से बंगाल को जोड़ने का आह्वान करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग का जिक्र किया. शुभेंदु ने एलान किया, "मोदी जी की मदद से, हमें बंगाल को एक बार फिर 'सोनार बांग्ला' यानी सोने का बंगाल बनाना होगा." इस बयान के जरिए उन्होंने एक बार फिर देश के सामने 'डबल इंजन सरकार' के विकास मॉडल की उपयोगिता को रखा और साफ किया कि बंगाल में अब तुष्टीकरण की जगह केवल और केवल विकास की राजनीति होगी.

नंदीग्राम से भावनात्मक रिश्ता

हालिया विधानसभा चुनावों में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों ही हाई-प्रोफाइल सीटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. संवैधानिक नियमों के तहत उनके लिए एक सीट छोड़ना अनिवार्य था. भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के समीकरणों को देखते हुए फैसला किया कि शुभेंदु भवानीपुर सीट अपने पास रखेंगे और नंदीग्राम सीट खाली करेंगे.

इस फैसले से स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उपजे असमंजस को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से अपने और नंदीग्राम के अटूट रिश्ते को फिर से परिभाषित किया.

उन्होंने 2003 के दिनों को याद करते हुए भावुक लहजे में कहा, "आप मुझे बिल्कुल वैसा ही पाएंगे जैसा आप मुझे 2003 से जानते हैं- मैं आपका सगा-संबंधी था, मैं आपका सगा-संबंधी हूं और हमेशा आपका सगा-संबंधी रहूंगा."

नंदीग्राम की जनता को यह महसूस न हो कि उनके विधायक ने उन्हें छोड़ दिया है, इसके लिए मुख्यमंत्री ने एक व्यावहारिक प्रशासनिक व्यवस्था की घोषणा की. उन्होंने एलान किया कि नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र के सभी स्थानीय और विकास कार्यों का जिम्मा अब कांथी के सांसद सौमेंदु अधिकारी संभालेंगे, जिन्हें स्थानीय भाजपा संगठन का पूरा सहयोग मिलेगा.

नंदीग्राम में विकास का वादा

रविवार की रैली के दौरान नंदीग्राम के शहीद परिवारों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने एक बार फिर भावनात्मक राजनीति को हवा दी. उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार ने सात शहीद परिवारों को मिलने वाला मुआवजा सिर्फ इसलिए रोक दिया क्योंकि वे उनके राजनीतिक विरोधी थे. शुभेंदु ने आगे आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने विकास के मामले में भी नंदीग्राम के साथ भेदभाव किया और उसे वंचित रखा.

मुख्यमंत्री ने कहा- "मैं नंदीग्राम में रेलवे लाइन लाना चाहता था, लेकिन ममता बनर्जी ने इसे रोक दिया. मैंने इस इलाके में पानी की सप्लाई लाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के काम में रुकावटें डालीं." उन्होंने संकेत दिया कि अब ऐसी बाधाएं खत्म हो चुकी हैं. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जो भी वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जाएगा.