ममता बनर्जी के खिलाफ पूर्व मंत्री ने कर दी बगावत, बोले- अभिषेक को हटाओ तो ही लौटूंगा
Kolkata News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के दो महीनों बाद भी टीएमसी की बगावत का दौर खत्म नहीं हुआ है। अब टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रवींद्रनाथ घोष ने कहा है कि वे ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पार्टी की बुरी स्थिति के लिए सीधे तौर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदारी ठहराया है।
टीएमसी की सरकार के दौरान मंत्री रहे रवींद्रनाथ घोष ने कहा है कि ममता बनर्जी को फिलहाल अभिषेक बनर्जी को सक्रिय राजनीति से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को फिलहाल सक्रिय राजनीति से अलग कर देंगी, तो पार्टी छोड़ चुके अधिकांश नेता और कार्यकर्ता वापस टीएमसी में लौट सकते हैं।
रवींद्रनाथ घोष का बागी गुट में जाने का फैसला कूचबिहार में ममता बनर्जी के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि संभावना ये है कि बागी गुट उन्हें कूचबिहार जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दे सकता है। बता दें कि रवींद्रनाथ घोष ने विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के लिए सीधे तौर पर, अभिषेक बनर्जी और चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक को जिम्मेदार ठहराया।
बंगाल के पूर्व मंत्री घोष ने कहा कि अभिषेक के फैसलों की वजह से पार्टी को भारी नुकसान हुआ। रवींद्रनाथ घोष ने आरोप लगाया कि 80 से अधिक मौजूदा विधायकों और मंत्रियों के टिकट काट दिए गए और कई नेताओं को संगठन से भी हटा दिया गया। इससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में नाराजगी बढ़ी, जिसका असर चुनाव परिणामों पर भी पड़ा है।
गौरतलब है कि रवींद्रनाथ घोष की बगावत ऐसे समय में सामने आई है, जब ममता बनर्जी के खिलाफ बागी खेमे द्वारा पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने समानांतर राज्य और जिला समितियों का गठन भी कर दिया है। जिनमें बीरभूम के पूर्व कद्दावर नेता अनुब्रता मंडल भी शामिल हैं।
इसके अलावा बागी विधायकों वाले गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने चुनाव आयोग के पास पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर भी दावा कर दिया है, जिस पर फैसला अब चुनाव आयोग ही करेगा।
चुनाव आयोग के मतदाता पंजीकरण फॉर्म के ऑनलाइन वर्जन को फॉर्म 6 के नाम से जाना जाता है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इसमें एक नया सेक्शन है जो एप्लीकेंट के माता-पिता का स्टेटस, इलेक्टोरल रोल के पिछले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुकाबले जानना चाहता है। हालांकि कानूनी फॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया गया है।







