मौसम का एक्सट्रीम अलर्ट: एक तरफ 48° की झुलसाती गर्मी, दूसरी तरफ 14 राज्यों में आंधी-बारिश का खतरा
India Faces Heatwave: भारत में एक ही समय में दो एकदम अलग मौसम के पैटर्न देखने को मिल रहे हैं, क्योंकि उत्तरी मैदानी इलाकों में चिलचिलाती गर्मी जारी है, जबकि देश के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून गतिविधि तेज हो गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले 12 घंटों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 70 किलोमीटर तक की स्पीड से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है. आईएमडी के अनुसार, पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और हिमालयी क्षेत्रों के बड़े हिस्सों में प्री-मॉनसून सिस्टम के आगे बढ़ने के कारण अस्थिर मौसम की स्थिति देखने को मिल सकती है.
𝐈𝐌𝐃 𝐖𝐞𝐚𝐭𝐡𝐞𝐫 𝐅𝐨𝐫𝐞𝐜𝐚𝐬𝐭
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 22, 2026
🔴Red warning for heatwave to severe heatwave conditions over Uttar Pradesh, Madhya Pradesh and Vidarbha for today.
🟠Orange colour warning for Heatwave conditions has been issued over Delhi, Haryana and Chandigarh.
☀️Heatwave… pic.twitter.com/AVneCsXBAi
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आने वाले दिनों में सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और कई पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए भी हालात लगातार अच्छे होते जा रहे हैं.
कई शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के करीब
देश के एक हिस्से में बारिश वाले सिस्टम मजबूत हो रहे हैं, वहीं उत्तर भारत में तेज गर्मी पड़ रही है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी बहुत ज़्यादा गर्मी पड़ रही है, और कई शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है.
अगले कुछ दिनों तक राष्ट्रीय राजधानी में ऑरेंज अलर्ट रहने की उम्मीद है. सूखी उत्तर-पश्चिमी हवाओं और थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म हवा ने दिन के तापमान को काफी बढ़ा दिया है.
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, साथ ही “गर्म रातें” की स्थिति भी हो सकती है, जहां सूर्यास्त के बाद भी तापमान असामान्य रूप से अधिक बना रहेगा.

गर्मी की लहर ने दिल्ली में बिजली की खपत को भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है. राज्य भार प्रेषण केंद्र (SLDC) के अनुसार, कूलिंग उपकरण के बढ़ते इस्तेमाल के बीच शहर में पीक पावर डिमांड 8,231 मेगावाट तक पहुंच गई, और अधिकारियों का अनुमान है कि सीजन में बाद में डिमांड 9,000 मेगावाट को पार कर सकती है.
उत्तर प्रदेश सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. बांदा जिला देश के सबसे गर्म इलाकों में से एक रहा, जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा दर्ज किया गया.
लगातार गर्मी ने रोजमर्रा की जिंदगी पर बहुत बुरा असर डाला है, और रिपोर्ट के मुताबिक अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, गर्मी से थकान और उससे जुड़ी बीमारियों से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ गई है.
“हर हर मौसम, हर घर मौसम” 🌦️📲
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 22, 2026
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यूपी के कई जिलों में रेड अलर्ट
आईएमडी ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, आगरा और झांसी समेत कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. उत्तर प्रदेश में अधिकारियों ने हीटवेव से निपटने के लिए तैयारी बढ़ा दी है.
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को पीने के पानी, हेल्थकेयर और लोगों में जागरूकता के लिए सही इंतजाम करने का निर्देश दिया है. लखनऊ में भी बढ़ते तापमान के बीच स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है. आईएमडी ने आगे कहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में अगले तीन दिनों तक बहुत ज़्यादा गर्मी रहने की संभावना है.
पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश व पश्चिम बंगाल के लिए ऑरेंज अलर्ट
पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, बिहार और पहाड़ी राज्यों के कुछ हिस्सों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
बिहार में अगले तीन दिनों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, हवा की स्पीड 50 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटे के बीच रहने की संभावना है. पटना जैसे शहरों में धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जैसे इलाकों में गरज और बिजली कड़कने के साथ बारिश होने की उम्मीद है.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बारिश व तेज हवा चल सकती है
हिमालय में हाल ही में देखे गए मौसम के पैटर्न से पता चलता है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश और हवा की स्पीड में काफी बढ़ोतरी हुई है, खासकर देहरादून (उत्तराखंड), नैनीताल (उत्तराखंड), शिमला (हिमाचल प्रदेश), मनाली (हिमाचल प्रदेश) और आस-पास के इलाकों में. दिलचस्प बात यह है कि जम्मू और कश्मीर पर भी अगले दो दिनों में लगभग 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से लगातार हवाएं चल सकती हैं, साथ ही बारिश भी हो सकती है.
दक्षिणी राज्यों में प्री-मॉनसू बारिश की गतिविधियां बढ़ीं
दूसरी ओर, दक्षिणी राज्यों में प्री-मॉनसून बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं. आईएमडी का कहना है कि केरल, तमिलनाडु और दक्षिणी कर्नाटक समेत दक्षिणी भारत के मौसम सिस्टम में मॉनसून के मौसम के करीब आने पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है.
आईएमडी का मानना है कि अगले 3-4 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के अरब सागर और उससे जुड़े इलाकों में उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक(ADG) आनंद शर्मा ने ईटीवी भारत को बताया कि जब तक हीटवेव जारी है, लोगों को दोपहर के पीक आवर्स में बाहर निकलने से बचना चाहिए.
उन्होंने कहा, "अभी हीटवेव चल रही है, सभी को सलाह दी जाती है कि वे सुबह 10 बजे से दोपहर 3-3.30 बजे के बीच बाहर न निकलें, खासकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और जो लोग बीमार हैं."
शर्मा ने कहा, "यात्रियों को हो सके तो अपनी यात्रा में देरी करने की कोशिश करनी चाहिए. लोगों को हल्के और बचाव वाले कपड़े पहनने चाहिए और अपने सिर को ढककर रखना चाहिए ताकि सीधी धूप उनके सिर और चेहरे पर न पड़े। उन्हें हाइड्रेटेड रहने के लिए पानी साथ रखना चाहिए."
दिल्ली के एक पर्यावरणविद मनु सिंह ने कहा, “आज की चिलचिलाती गर्मी सिर्फ मौसमी परेशानी नहीं रही. यह एक सभ्यतागत चेतावनी है - जो रोजाना दर्दनाक तरीके से दोहराई जा रही है. बिना रोक-टोक के कंक्रीट बनने और हरियाली खत्म होने से पैदा हुआ शहरी गर्मी द्वीप प्रभाव, न सिर्फ हमारे जलवायु को बल्कि हमारी सामूहिक शरीर क्रिया विज्ञान और मनोविज्ञान को भी बदल रहा है. बहुत ज़्यादा गर्मी शरीर को थका देती है, नींद में खलल डालती है, हृदय संबंधी तनाव बढ़ाती है, और चुपचाप चिंता, गुस्सा और इमोशनल थकान को बढ़ाती है.”
“बेज़ुबान लोगों का दुख, डिहाइड्रेशन से मरते हुए पक्षी, छांव और पानी की तलाश में बेसहारा जानवर भी उतने ही दुखद हैं. पारिस्थितिक असंतुलन अंततः आध्यात्मिक असंतुलन है. जो शहर अपनी सबसे कमजोर ज़िंदगी की रक्षा नहीं कर सकता, वह मानवीय सभ्यता की आत्मा को खोने का रिस्क लेता है.”







