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असम में बाढ़ का कहर जारी: मृतकों की संख्या 80 पहुंची, 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित, सैकड़ों गांव अब भी जलमग्न

Assam Flood: बाढ़ से कुल 2,12,400 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, 17,198.09 हेक्टेयर खेती की जमीन पानी में डूबी हुई है. वहीं बाढ़ का सबसे बुरा असर चराइदेव जिले पर पड़ा है जहां लगभग 80,000 लोग प्रभावित हैं. शिवसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं. हजारों लोग अभी भी शेल्टर में रह रहे हैं. 30 जुलाई को शिवसागर जिले के नाजिरा में बाढ़ से प्रभावित नेपालीखुटी में तीन शव बरामद किए गए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है.
 
ASSAM FLOOD

Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है. राज्य के आठ जिलों में 2.12 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 437 गांव जलमग्न हैं.

असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 80 हुई, आठ जिलों में 2.12 लाख से अधिक  लोग प्रभावित....See more

अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़ा है. राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है. प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं.

हालांकि राज्य में बाढ़ का असर थोड़ा कम हुआ है. सरकार के दिए गए बाढ़ के नए डेटा के मुताबिक, गोलाघाट, शिवसागर, बिश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (ग्रामीण), जोरहाट, धेमाजी और नौगांव जिले के कुल 21 राजस्व मंडल और 437 गांव बाढ़ की चपेट में हैं.

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बाढ़ से कुल 2,12,400 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, 17,198.09 हेक्टेयर खेती की जमीन पानी में डूबी हुई है. वहीं बाढ़ का सबसे बुरा असर चराइदेव जिले पर पड़ा है जहां लगभग 80,000 लोग प्रभावित हैं. शिवसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं. हजारों लोग अभी भी शेल्टर में रह रहे हैं. 30 जुलाई को शिवसागर जिले के नाजिरा में बाढ़ से प्रभावित नेपालीखुटी में तीन शव बरामद किए गए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है.

इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार रात फेसबुक लाइव पर बाढ़ से जुड़ी कई घोषणाएं कीं. इनमें सबसे अहम घोषणा कर्ज को लेकर थी.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से चर्चा की है. सीतारमण के निर्देश पर राज्य स्तरीय बैंकिंग समिति (SLBC) के साथ भी बैठक हुई. बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नॉबार्ड समेत सभी बैंकों ने हिस्सा लिया.

Cars submerged in water due to flood.

 

बैंकों द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए डेटा के अनुसार, शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में लगभग 3.18 लाख एक्टिव बैंक अकाउंट हैं और मौजूदा कर्ज की रकम 11,400 करोड़ रुपये है.

इसमें खेती के लोन, सेल्फ-हेल्प ग्रुप की महिलाओं को लोन, लाइट और प्रकाश और सूक्ष्म उद्यमियों को लोन और दूसरे लोन शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज माफी का फायदा सिर्फ असली लाभार्थियों यानी बाढ़ पीड़ितों को ही मिलेगा. इस प्रक्रिया से पहले राज्य सरकार को मिली जानकारी की जांच की जाएगी कि वह सही है या गलत. जो लोग गलत जानकारी देंगे, उन्हें इस स्कीम से वंचित कर दिया जाएगा और उन्हें नियमों के अनुसार बैंकों से लिया गया लोन खुद ही चुकाना होगा.

मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव में साफ कर दिया कि राज्य सरकार इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेगी. सीएम ने यह भी कहा कि बैंक शिवसागर, चारिदेव, जोरहाट और गोलाघाट में रहने वाले उन लोगों का लोन माफ नहीं करेंगे जो बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउसिंग लोन, एजुकेशन लोन और कार लोन छह महीने तक चुकाए जाएंगे. सीएम ने यह भी कहा कि खेती के लोन और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को दिए गए लोन पर छह महीने के लिए छूट दी जाएगी.