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डेढ़ घंटे ट्रैफिक में फंसे पूर्व जज! SIR ट्रिब्यूनल से दिया इस्तीफा, वजह चौंकाने वाली

Kolkata:  SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े ट्रिब्यूनल से एक पूर्व न्यायाधीश ने इस्तीफा दे दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, खराब सड़क और लगातार ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें रोजाना आने-जाने में काफी परेशानी हो रही थी. बताया गया कि एक दिन उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने ट्रिब्यूनल से हटने का फैसला लिया.
 
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Kolkata:  पश्चिम बंगाल में SIR यानी Special Intensive Revision की प्रक्रिया के तहत गठित ट्रिब्यूनल से पूर्व कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी ने इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि खराब सड़कों, लगातार ट्रैफिक जाम और लंबी यात्रा से होने वाली परेशानी के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है।

बंगाल: खराब सड़कों से रोज चार घंटे का सफर, परेशान होकर SIR ट्रिब्यूनल के  न्यायाधीश ने दिया इस्तीफा - west bengal sir tribunal judge indrajit  chatterjee resigns over bad roads ...

पूर्व न्यायमूर्ति इंद्रजीत चटर्जी का घर सॉल्ट लेक में है, जबकि जिस SIR ट्रिब्यूनल में उन्हें जिम्मेदारी दी गई थी, उसका केंद्र जोनकाटा में है। दोनों स्थानों के बीच रोजाना आने-जाने में उन्हें काफी समय लग रहा था।

खराब सड़क और ट्रैफिक से बढ़ी परेशानी

पूर्व न्यायमूर्ति चटर्जी के अनुसार, सॉल्ट लेक से जोनकाटा तक की सड़क की स्थिति अच्छी नहीं है। जगह-जगह गड्ढों और खराब सड़क के कारण यात्रा में काफी परेशानी होती है।

इसके अलावा रास्ते में ट्रैफिक जाम की समस्या भी रहती है। बताया गया कि कई बार उन्हें ट्रिब्यूनल पहुंचने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लग जाता था। लगातार होने वाली इस परेशानी के चलते उन्होंने ट्रिब्यूनल से हटने का फैसला किया।

सॉल्ट लेक में काम करने का मौका मिले तो कर सकते हैं विचार

हालांकि, पूर्व न्यायमूर्ति इंद्रजीत चटर्जी ने कथित तौर पर यह संकेत भी दिया है कि यदि उन्हें सॉल्ट लेक के आसपास ही ट्रिब्यूनल की जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह इस पर दोबारा विचार कर सकते हैं।

यानी उनके इस्तीफे के पीछे SIR से जुड़े काम पर कोई आपत्ति नहीं, बल्कि मुख्य समस्या रोजाना लंबी दूरी तय करने और खराब सड़क की बताई जा रही है।

2 नवंबर से प्रभावी हो सकता है इस्तीफा

सूत्रों के अनुसार, पूर्व न्यायमूर्ति इंद्रजीत चटर्जी का इस्तीफा 2 नवंबर से प्रभावी हो सकता है। इसके लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

SIR प्रक्रिया के दौरान ट्रिब्यूनल की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची से जुड़े मामलों और दावों-आपत्तियों की सुनवाई की जिम्मेदारी इन ट्रिब्यूनलों के पास है।

SIR ट्रिब्यूनल में करीब 19 सेवानिवृत्त जज

बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में गठित SIR ट्रिब्यूनलों में करीब 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीश अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन ट्रिब्यूनलों के सामने मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की जा रही है।

ऐसे में एक और पूर्व न्यायाधीश के इस्तीफे की खबर ने ट्रिब्यूनल की व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

पहले भी इस्तीफा दे चुके हैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश

SIR ट्रिब्यूनल से इस्तीफा देने वाले इंद्रजीत चटर्जी पहले न्यायाधीश नहीं हैं। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम भी ट्रिब्यूनल की जिम्मेदारी से इस्तीफा दे चुके हैं।

अलग-अलग समय पर कुछ अन्य सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के भी विभिन्न कारणों से ट्रिब्यूनल से अलग होने की बात सामने आई है।

SIR प्रक्रिया के बीच बढ़ी ट्रिब्यूनल की अहमियत

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर पहले से ही काफी चर्चा है। ऐसे में ट्रिब्यूनलों की भूमिका और उनके कामकाज पर भी नजर बनी हुई है।

पूर्व न्यायमूर्ति इंद्रजीत चटर्जी का इस्तीफा फिलहाल उनकी व्यक्तिगत यात्रा संबंधी कठिनाइयों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, यदि वह सॉल्ट लेक में ट्रिब्यूनल की जिम्मेदारी दिए जाने पर दोबारा काम करने को तैयार होते हैं, तो इस मामले में आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।