यूपी में किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! जमीन के बदले फटाफट पैसा, सरकार ने शुरू किया अभियान
Balrampur, Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। रेललाइन के निर्माण के लिए जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सदर तहसील के 10 गांवों में प्रशासन की ओर से विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसानों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी लिए जा रहे हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद परियोजना के बलरामपुर हिस्से में निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है। करीब 240 किलोमीटर लंबी खलीलाबाद-बहराइच नई रेललाइन उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली है।
10 गांवों में लगाए जा रहे विशेष कैंप

रेललाइन के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन की टीम गांवों में पहुंचकर शिविर लगा रही है। यहां किसानों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया और जरूरी औपचारिकताओं की जानकारी दी जा रही है।
शिविरों में भूमि से संबंधित अभिलेख लिए जा रहे हैं और भुगतान से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी कराई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर परियोजना के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।
करीब 240 किलोमीटर लंबी होगी नई रेललाइन
खलीलाबाद-बहराइच नई रेललाइन की कुल लंबाई करीब 240 किलोमीटर होगी। प्रस्तावित रेलमार्ग खलीलाबाद से शुरू होकर बांसी, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती और भिनगा होते हुए बहराइच तक जाएगा।
इस रेललाइन के निर्माण से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई ऐसे इलाकों को रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जहां अभी रेल परिवहन की सुविधा सीमित है।
परियोजना के लिए 490 करोड़ रुपये प्रस्तावित
परियोजना के लिए 490 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। मार्च 2026 तक इस परियोजना पर 1,525 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। वहीं मौजूदा वित्तीय वर्ष में परियोजना के लिए 686 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
भूमि अधिग्रहण को परियोजना के महत्वपूर्ण चरणों में से एक माना जा रहा है। बलरामपुर में प्रशासन की ओर से शुरू की गई कार्रवाई इसी दिशा में बड़ा कदम है।
तीन चरणों में आगे बढ़ रहा रेललाइन प्रोजेक्ट
खलीलाबाद-बहराइच रेललाइन परियोजना को तीन प्रमुख खंडों में बांटकर आगे बढ़ाया जा रहा है।
खलीलाबाद-बांसी खंड
पहला खंड खलीलाबाद से बांसी तक करीब 54 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। यहां मिट्टी भरने के साथ-साथ स्टेशन निर्माण से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं।
बांसी-इकौना खंड
दूसरा खंड बांसी से इकौना तक करीब 120 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इकौना-बहराइच खंड
तीसरा खंड इकौना से बहराइच तक करीब 66 किलोमीटर लंबा है। इस हिस्से में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई उन्नत चरण में पहुंच चुकी है।
बलरामपुर समेत इन इलाकों को मिलेगा फायदा
नई रेललाइन के निर्माण से बलरामपुर के अलावा उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और डुमरियागंज जैसे क्षेत्रों को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में रेल सुविधा सीमित है। नई रेललाइन बनने के बाद लोगों के लिए खलीलाबाद और बहराइच की ओर आवागमन आसान हो सकेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
किसानों की जमीन अधिग्रहण के बाद परियोजना को मिलेगी रफ्तार
बलरामपुर के 10 गांवों में लगाए जा रहे प्रशासनिक शिविरों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। दस्तावेजों के सत्यापन और भुगतान से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद परियोजना के इस हिस्से में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
करीब 240 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन के पूरी तरह तैयार होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए रेल यात्रा का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।







