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'ज्ञानेश कुमार चोर-डाकू हैं', ममता का बड़ा हमला; बोलीं- नहीं हटे तो होगा महाआंदोलन!

National:  INDIA गठबंधन की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने CEC को ‘चोर’ और ‘डाकू’ बताते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की. ममता ने कहा कि इस्तीफा नहीं देने पर विपक्ष ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगा. विपक्ष 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालेगा और...
 
MAMATA BANERJEE

National:  मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव बुधवार को और तेज हो गया। दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बेहद तीखा बयान दिया और उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। ममता ने उन्हें ‘चोर’ और ‘डाकू’ तक कहा तथा आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। ये आरोप ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

In latest letter, Mamata flags 'flaws' in SIR exercise, asks CEC to make  amends or put a pause on it

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, आंदोलन की चेतावनी

INDIA गठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेंगे। ममता ने इस मुद्दे को केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही।

ममता पहले भी एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुकी हैं। सितंबर में उन्होंने कहा था कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक विरोध जारी रहेगा।

SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष का विरोध

INDIA गठबंधन की बैठक का मुख्य मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति था। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े अपने कामकाज और प्रक्रियाओं का बचाव किया है। CEC ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को लेकर भी आयोग की ओर से विपक्ष के दावों से अलग रुख सामने आया है।

2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च

INDIA गठबंधन ने बैठक के बाद आंदोलन का साझा कार्यक्रम भी घोषित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाले जाएंगे। इन प्रदर्शनों में युवाओं और गैर-सरकारी संगठनों को भी जोड़ने की बात कही गई है।

6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालेंगे। इसके जरिए SIR, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को चुनाव आयोग के सामने उठाने की योजना है।

अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात

INDIA गठबंधन के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगेंगे। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों और शिकायतों को राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी में हैं।

संसद में भी उठ सकता है ज्ञानेश कुमार को हटाने का मुद्दा

बैठक से पहले विपक्षी दलों के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की संभावना पर भी चर्चा की खबरें सामने आई थीं। INDIA गठबंधन की बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य संयुक्त राजनीतिक और संसदीय रणनीति तैयार करना था।

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष की साझा मुहिम

INDIA गठबंधन अब SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को संयुक्त राजनीतिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जोड़ते हुए आंदोलन की घोषणा की है।

इस बीच बीजेपी ने विपक्ष के आंदोलन पर पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर सवाल उठाते हुए इसे ‘वंश बचाओ’ अभियान बताया।

यानी अक्टूबर में चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं—एक तरफ INDIA गठबंधन का देशव्यापी आंदोलन, दूसरी तरफ चुनाव आयोग और सत्तापक्ष का विपक्ष के आरोपों पर विरोध।