ऐतिहासिक फैसला: वर्षों के विवाद के बाद अमरावती को राजधानी का दर्जा, अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी..राष्ट्रपति की मंजूरी से कानून लागू
Amaravati (Andhra Pradesh): अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी के तौर पर कानूनी रूप से मान्यता दे दी गयी. 2 जून 2024 से अमरावती को राज्य की राजधानी का दर्जा दे दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2014 में संशोधन के लिए पेश किया गया बिल, संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को इस पर हस्ताक्षर कर दिये. इसे 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन अधिनियम-2026' के रूप में लागू किया गया है.
इससे पहले 28 मार्च को राज्य विधानसभा ने अमरावती को राजधानी घोषित करने की मांग का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा था. केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 5(2) में बदलाव करते हुए इसे संशोधन बिल में शामिल किया, ताकि 2 जून 2024 से अमरावती को राजधानी की मान्यता मिल सके. इस महीने की 1 तारीख को लोकसभा में इस पर चर्चा हुई. YSRCP को छोड़कर बाकी सभी दलों ने इस बिल का समर्थन किया.
2 तारीख को राज्यसभा में इस बिल पर चर्चा हुई. यहां भी YSRCP को छोड़कर चर्चा में शामिल अन्य सभी दलों ने अमरावती के पक्ष में वोट दिया और ऊपरी सदन ने इसे ध्वनि मत से मंजूरी दे दी. संसद से पास होने के बाद, केंद्रीय कानून मंत्रालय ने सोमवार को इस बिल को राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद, कानून मंत्रालय ने राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर दी, जिससे अमरावती बिल अब एक कानून बन गया है.
इस कानून में यह साफ कर दिया गया है कि CRDA एक्ट के तहत आने वाले सभी इलाके अमरावती का हिस्सा होंगे. कानून में इस नए बदलाव ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं होगा. इसमें कहा गया है कि 'आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) अधिनियम-2014' के तहत अधिसूचित सभी क्षेत्र अमरावती के अंतर्गत आएंगे. इस अधिनियम में भविष्य में कोई भी बदलाव केवल संसद द्वारा ही किया जा सकता है. राज्य विधानसभा द्वारा किए गए किसी भी बदलाव की कोई कानूनी मान्यता नहीं होगी.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 28 अप्रैल को दिग्गज टेक कंपनी गूगल के डेटा सेंटर का शिलान्यास करेंगे. लगभग 15 अरब डॉलर के भारी निवेश से बनने वाला यह प्रोजेक्ट, वैश्विक टेक्नोलॉजी मैप पर आंध्र प्रदेश की स्थिति को और मजबूत करेगा. विशाखापत्तनम में इस डेटा सेंटर के शिलान्यास समारोह में गूगल क्लाउड के CEO थॉमस कुरियन और कंपनी के कई अन्य बड़े अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है.
विशाखापत्तनम जिले के आदिविवरम और अनाकापल्ली जिले के तरलुवाड़ा और रामबिल्ली इलाकों में 'गीगावाट' क्षमता वाले तीन डेटा सेंटर बनेगा. इनके जुलाई 2028 तक बनकर तैयार होने और काम शुरू करने की उम्मीद है. इसके जरिए गूगल करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जो देश में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश है. डेटा सेंटर की स्थापना के लिए राज्य सरकार और गूगल के बीच पिछले साल 14 अक्टूबर को एक समझौता (MoU) हुआ था.







