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इस बार कैसा रहेगा मानसून? मौसम विभाग ने अल-नीनो प्रभाव को लेकर जारी की नई भविष्यवाणी

Indian Weather Update: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मौसम विभाग के निदेशक जनरल डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में नॉर्मल बारिश होने की उम्मीद है, जो लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94 से 106 परसेंट के बीच होगी. हालांकि, मध्य, दक्षिण प्रायद्वीपीय और उत्तर-पश्चिम भारत और मॉनसून कोर जोन में सीजन के दौरान नॉर्मल से कम बारिश होने की संभावना है.
 
NATIONAL WEATHER UPDATE

Indian Weather Update: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज शुक्रवार को मॉनसून 2026 के दूसरे चरण के लिए पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग ने बताया कि इस साल पूरे देश में मॉनसून की बारिश लंबी अवधि की केवल 90 फीसदी ही रह सकती है. मौसम विभाग ने कहा कि इस मॉनसून सीजन में नॉर्थ-ईस्ट में नॉर्मल बारिश होने की संभावना है, लेकिन देश के बाकी हिस्सों में नॉर्मल से कम बारिश हो सकती है.

Monsoon 2026: 2 या 4 जून, केरल में अब कब दस्तक देगा मॉनसून, 26 मई की  भविष्यवाणी क्यों हुई फेल? - southwest monsoon 2026 coming soon in kerala,  imd rain alert many district know all - Navbharat Times

इससे पहले 13 अप्रैल को अपने पहले अनुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस मॉनसून सीजन में भारत में लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की 92 परसेंट बारिश हो सकती है. विभाग के मुताबिक यह पूर्वानुमान सामान्य माना जा सकता है. इसका साफ मतलब है कि अगले महीने जून से लेकर सितंबर तक पूरे देश में औसत से कम बारिश होने की उम्मीद है. आईएमडी के मुताबिक जून से कई राज्यों में हीटवेव की स्थिति की चेतावनी दी गई है.

मृत्युंजय महापात्र: मौसम विज्ञान में भारत की वैश्विक छवि का निर्माण

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मौसम विभाग के निदेशक जनरल डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में नॉर्मल बारिश होने की उम्मीद है, जो लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94 से 106 परसेंट के बीच होगी. हालांकि, मध्य, दक्षिण प्रायद्वीपीय और उत्तर-पश्चिम भारत और मॉनसून कोर जोन में सीजन के दौरान नॉर्मल से कम बारिश होने की संभावना है. जून के लिए बताते हुए, महापात्रा ने कहा कि देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश नॉर्मल से कम रहने की उम्मीद है, जो LPA के 92 परसेंट से भी कम है. हालांकि, भारत के उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ क्षेत्र के कुछ इलाकों में नॉर्मल से ज्यादा बारिश हो सकती है.

आईएमडी (IMD) ने जून के दौरान ज्यादातर इलाकों में नॉर्मल से ज्यादा तापमान का भी अनुमान लगाया है. महापात्रा ने कहा कि मध्य, पूर्वोत्तर और पूर्व के कुछ हिस्सों को छोड़कर, देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान नॉर्मल से अधिक रहेगा. बात न्यूनतम टेम्परेचर की करें तो यह भी नॉर्मल से ज्यादा रहने की उम्मीद है. मौसम एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में नॉर्मल से अधिक हीटवेव वाले दिनों की चेतावनी दी है. महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव एक्टिविटी बढ़ने की संभावना है.

महापात्रा ने कहा कि जून तक एल नीनो हालात की संभावना 82 परसेंट तक बढ़ जाएगी और जुलाई और अगस्त तक 90 परसेंट को पार कर जाएगी. पूरे मॉनसून सीजन में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति बनी रहने की उम्मीद है. उन्होंने आगे बताया कि मई में देश भर में बारिश नॉर्मल से चार परसेंट ज़्यादा रही है, जबकि 27 मई तक कुल सीजनल बारिश नॉर्मल से एक परसेंट ज़्यादा रही.

महापात्रा ने कहा कि साउथ-वेस्ट मॉनसून नॉर्मल शुरुआत की तारीख से चार दिन पहले 16 मई को अंडमान और निकोबार आइलैंड्स में आगे बढ़ा. तब से यह साउथ अरेबियन सी और लक्षद्वीप में आगे बढ़ गया है, और अगले हफ़्ते केरल और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में इसके आने के लिए हालात अच्छे बने हुए हैं. इस बीच, IMD ने गुरुवार को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और पूर्वी हवाओं के असर के साथ-साथ कई इलाकों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने की वजह से अगले तीन दिनों में नॉर्थ-वेस्ट इंडिया में तेज गर्मी से राहत का अनुमान लगाया.