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पति भी साथ, बच्चा भी गोद में… फिर देवर से शादी करने पहुंच गई महिला! बागपत में अजीबोगरीब मामला

उत्तर प्रदेश के बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. एक शादीशुदा महिला गोद में बच्चा लेकर अपने पति के साथ अधिकारियों के पास पहुंची और देवर से शादी करने की इच्छा जताई. हैरानी की बात यह रही कि पति ने भी पत्नी के फैसले का समर्थन किया. दोनों ने पंचायत में तलाक होने का दावा करते हुए कागजात दिखाए, लेकिन जांच में महिला का कानूनी तलाक नहीं हुआ था.

 
UP

Bagpat:  उत्तर प्रदेश के बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदनों की जांच के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया। यहां एक शादीशुदा महिला अपने पति और गोद में बच्चे के साथ देवर से शादी करने का आवेदन लेकर पहुंच गई। महिला ने अधिकारियों के सामने साफ कहा कि अब वह अपने पति के बजाय देवर के साथ जीवन बिताना चाहती है। हैरानी की बात यह रही कि पति ने भी पत्नी की इच्छा पर सहमति जता दी।

महिला और उसके पति ने अधिकारियों को बताया कि दोनों का पंचायत में तलाक हो चुका है। इसके समर्थन में उन्होंने पंचायत से जुड़े कुछ कागजात भी पेश किए। हालांकि, अधिकारियों ने केवल पंचायत के फैसले को वैध तलाक मानने से इनकार कर दिया और कानूनी दस्तावेजों की जांच की।

पंचायत के फैसले को बताया तलाक का आधार

आवेदन की जांच के दौरान महिला ने अधिकारियों को बताया कि वह अपने वर्तमान पति के साथ नहीं रहना चाहती और अपने देवर से शादी करना चाहती है। उसके पति ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि उसे पत्नी के फैसले से कोई आपत्ति नहीं है।

दोनों का दावा था कि पंचायत में आपसी सहमति से उनका रिश्ता खत्म हो चुका है। लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सामूहिक विवाह योजना में आवेदन करने के लिए निर्धारित पात्रता और कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

कानूनी तलाक नहीं होने से निरस्त हुआ आवेदन

दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि महिला का अपने मौजूदा पति से कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। पंचायत में हुए कथित फैसले को वैध कानूनी तलाक का प्रमाण नहीं माना गया। इसी आधार पर महिला दूसरी शादी के लिए योजना की पात्रता पूरी नहीं कर पाई।

नियमों के मुताबिक जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण अधिकारियों ने उसका आवेदन निरस्त कर दिया। इस तरह देवर से शादी करने की उसकी योजना फिलहाल पूरी नहीं हो सकी।

149 जोड़ों का कराया गया सामूहिक विवाह

बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 25 अक्टूबर को 149 जोड़ों का विवाह कराया गया था। कार्यक्रम से पहले सभी आवेदनों और दस्तावेजों की जांच की गई थी। इसी प्रक्रिया में महिला का आवेदन भी अधिकारियों के सामने आया। पात्रता की शर्तें पूरी नहीं होने पर उसे सूची से बाहर कर दिया गया।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने दी जानकारी

जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान के अनुसार, महिला ने अपने देवर से विवाह के लिए आवेदन किया था। जांच में पाया गया कि उसका पहले पति से कानूनी तलाक नहीं हुआ है। महिला और उसके पति ने पंचायत में तलाक होने का दावा किया था, लेकिन वैध कानूनी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसी वजह से नियमानुसार आवेदन निरस्त किया गया।

इस घटना ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदनों की जांच और पात्रता संबंधी नियमों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।