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‘जरूरत पड़ी तो 1000 करोड़ जुटा देंगे’: रेवंत रेड्डी के बयान से सियासत गरम, BJP का तीखा पलटवार

 
‘जरूरत पड़ी तो 1000 करोड़ जुटा देंगे’: रेवंत रेड्डी के बयान से सियासत गरम, BJP का तीखा पलटवार
Hyderabad News: तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy के एक बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विकाराबाद के पास आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यदि गांधी परिवार को कभी आर्थिक जरूरत पड़ी तो तेलंगाना कांग्रेस कार्यकर्ता 1000 करोड़ रुपये तक जुटा सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि गांधी-नेहरू परिवार के लिए धन प्राथमिकता नहीं है, लेकिन आवश्यकता होने पर पार्टी कार्यकर्ता सक्षम हैं।

रेड्डी ने अपने संबोधन में गांधी-नेहरू परिवार की तीन पीढ़ियों के योगदान का जिक्र किया और भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई।

भाजपा का आरोप: “जनता के पैसे की बात क्यों?”

बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर वीडियो साझा कर सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री राज्य के संसाधनों को किसी राजनीतिक परिवार के लिए इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं?

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे परिवारवादी राजनीति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की जनता रोजगार, किसान योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रही है, ऐसे में इस तरह की टिप्पणी कई सवाल खड़े करती है।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का बयान कार्यकर्ताओं के उत्साह और निष्ठा को दर्शाने के संदर्भ में था, न कि सरकारी धन के उपयोग की बात। उनका तर्क है कि इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

बढ़ता राजनीतिक तनाव

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य में कांग्रेस सरकार और भाजपा के बीच टकराव को और तीखा कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक बयान को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में तेलंगाना की राजनीति में एक अहम मुद्दा बन सकता है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर जनहित बनाम परिवारवाद के सवाल उठाते रहेंगे।