Newshaat_Logo

बंगाल में ममता के अपनी ही पार्टी में एक और खेल शुरू..असली और नकली पार्टी का खेल! बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया का बड़ा दावा...

Kolkata: उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने ‘असली टीएमसी’ नाम से एक अलग समूह बनाया है और वे 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग करेंगे. बसुनिया ने कहा कि उनका समूह लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था भी चाहता है और वह इस संबंध में स्पीकर से औपचारिक अनुरोध करेगा.
 
WEST BENGAL

Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अंदरूनी संकट और गहरा गया है. पार्टी के बागी सांसदों के एक बड़े समूह ने दावा किया है कि उनके साथ लोकसभा में TMC के 19 सांसदों का समर्थन है और वे खुद को "असली TMC" मानते हैं. सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उनके समूह के पास अधिकांश सांसदों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने ‘असली टीएमसी’ नाम से एक अलग समूह बनाया है और वे 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग करेंगे. बसुनिया ने कहा कि उनका समूह लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था भी चाहता है और वह इस संबंध में स्पीकर से औपचारिक अनुरोध करेगा.

टीएमसी के बागी सांसद बसुनिया ने लोकसभा में बहुमत का दावा करने वाले 19  सांसदों के पत्र की पुष्टि की | राजनीति | मीडियाआई न्यूज | मीडियाआई न्यूज

हम ही असली टीएमसी हैं- जगदीश बर्मा बसुनिया

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा- हमने असली टीएमसी समूह बनाया है. हमारे साथ अधिकतम सांसद हैं. हम स्पीकर से बात कर असली टीएमसी के रूप में मान्यता देने और अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है. बसुनिया ने कहा- मुझे कोई फोन नहीं आया. मुझे नहीं पता कि किसी और सांसद से संपर्क किया गया है या नहीं, लेकिन मुझसे किसी ने बात नहीं की.

हाल के विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी में नेताओं का असंतोष खुलकर सामने आया है. पार्टी के कई विधायक पहले ही बगावत कर चुके हैं. इसका असर पार्टी के संसदीय दल पर भी दिखाई दे रहा है. सूत्रों के अनुसार तीन टीएमसी सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा में बागी सांसदों का समूह 20 सांसदों के समर्थन का दावा कर रहा है.

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार और सताबदी रॉय समेत 19 सांसदों ने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को अपने नामों की सूची सौंप दी थी. इस सूची में बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक सहित कई सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी पुष्टि की है कि 20 सांसदों के समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की औपचारिक मांग की है.

ईमानदार और लोकप्रिय जन नेता डॉ. हर्षवर्धन को मोदी ने फिर बनाया मंत्री, ली  शपथ| This responsibility is given to Dr. Harshvardhan, the honest and  popular public leader - News18 हिंदी

राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने टीएमसी में चल रही उठापटक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का विघटन होना ही था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की पहचान अनियमितताओं, कुप्रथाओं और कुशासन के रूप में सामने आयी है. उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी क्षेत्रीय पार्टी का जनाधार कमजोर होता है तो उसके नेता और कार्यकर्ता उससे दूरी बनाने लगते हैं. बंगाल की जनता विकास, सुशासन और मजबूत प्रशासन चाहती है और बीजेपी उस बदलाव का विकल्प बनकर उभर रही है.