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KMC में अंदरूनी कलह उजागर, अरूप-सुशांत के इस्तीफे से TMC को लगा झटका

Kolkata: सूत्रों के मुताबिक, अरूप और सुशांत ने निगम के भीतर जिम्मेदार पदों से अलग होने का फैसला आपसी मतभेद और संगठनात्मक असंतोष के चलते लिया है. हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वास्तविक वजहों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि KMC में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है.
 
MAMATA BANERJEE

Kolkata: कोलकाता नगर निगम (KMC) की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब निगम के कई अहम पदों से अरूप और सुशांत ने इस्तीफा दे दिया. इस घटनाक्रम को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और खासतौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.

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सूत्रों के मुताबिक, अरूप और सुशांत ने निगम के भीतर जिम्मेदार पदों से अलग होने का फैसला आपसी मतभेद और संगठनात्मक असंतोष के चलते लिया है. हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वास्तविक वजहों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि KMC में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है.

इससे पहले देवलीना बिश्वासस ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. अब सुशांत और अरूप ने भी पद छोड़ दिए हैं. जानकारी मिली है कि सुशांत ने बोरो नंबर 12 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके साथ ही, अरूप चक्रवर्ती ‘नगर लेखा समिति’ के पद से भी इस्तीफा दे रहे हैं.

इससे पहले, देवोलीना ने बोरो नंबर 9 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. हालांकि, सूत्रों के अनुसार, केवल देवोलीना-अरूप या सुशांत ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी इस्तीफा दे सकते हैं. ममता बनर्जी ने मंगलवार को ही पार्षदों के साथ बैठक की थी. तृणमूल प्रमुख ने तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया, लेकिन अगले ही दिन ठीक इसका उल्टा हुआ. ममता बनर्जी ने कहा- आप लोग क्यों बैठे हैं. अभी तक सड़कों पर क्यों नहीं उतरे. आप यह क्यों भूल रहे हैं कि आपके बोर्ड के सदस्य अभी भी निर्वाचित हैं. इसलिए जनता की सेवा करें. सड़कों पर उतरें. उन्होंने ठीक इसी भाषा में पुनः सक्रियण का आदेश दिया है.

नाराज लोगों से बात करने की जरुरत

मीडिया से बात करते हुए मेयर पार्षद तारक सिंह ने कहा- मैं इसे विभाजन के रूप में स्वीकार नहीं करता. अब पार्टी के नेतृत्व में जो लोग हैं, उन्हें नाराज जनता के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए कि क्या ये नाराज जनता जमीनी स्तर पर बनी रहेगी या नहीं. पार्टी निश्चित रूप से विभाजित है. हमें यह तय करना होगा कि इस नेतृत्व को स्वीकार करें या नहीं. उन्होंने कहा- आप ये सब खबरें बटोरने के लिए कर रहे हैं. अगर आपको जाना ही है, तो पार्षद का पद छोड़ दीजिए. जमीनी स्तर का काम छोड़ दीजिए. क्या आप किसी मृत व्यक्ति के बाल काट सकते हैं और उसका वजन कम कर सकते हैं.