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बंगाल में फिर कांग्रेस का सूपड़ा साफ? जानिए किन-किन राज्यों में नहीं खुला पार्टी का खाता...

West Bengal: पिछले जितने भी राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं. उनमें कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. अभी जिन 5 राज्यों में वोटों की गिनती चल रही है. उनमें असम में भी कांग्रेस काफी पीछे है. बीजेपी के पक्ष में एकतरफा परिणाम दिखाई दे रहे हैं.
 
BENGAL

West Bengal: 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रदर्शन कई राज्यों में बेहद कमजोर रहा है. शुरुआती रुझानों के मुताबिक पार्टी के लिए कुछ राज्यों में एक भी सीट नहीं खुली है, खासकर पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहाँ कांग्रेस का खाता नहीं खुल पाया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के जो रुझान आ रहे हैं. उसमें बीजेपी बढ़त बनाए हुए है. वहीं टीएमसी पीछे चल रही है. इन सबके बीच कांग्रेस अभी भी जीरो पर दिखाई दे रही है. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पिछली बार जब 2021 में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हुए थे, उस वक्त भी कांग्रेस जीरो पर सिमट गई थी. 

पिछले जितने भी राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं. उनमें कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. अभी जिन 5 राज्यों में वोटों की गिनती चल रही है. उनमें असम में भी कांग्रेस काफी पीछे है. बीजेपी के पक्ष में एकतरफा परिणाम दिखाई दे रहे हैं. दक्षिण के राज्यों में सिर्फ केरल में कांग्रेस और उसके गठबंधन का प्रदर्शन ठीक दिखाई दे रहा है. वहीं पश्चिम बंगाल में इस बार फिर कांग्रेस का खाता खुलना मुश्किल लग रहा है. अगर इस बार कांग्रेस का खाता नहीं खुलता है तो लगातार दूसरी बार होगा जब पश्चिम बंगाल में कांग्रेस जीरो पर रहेगी.

  • मतगणना के दौरान कांग्रेस का खाता “जीरो” पर दिखा — किसी भी सीट पर पार्टी आगे नहीं चल पाई है, जबकि बीजेपी और टीएमसी मुख्य मुकाबले में हैं।

असम:

  • असम में रुझानों के मुताबिक कांग्रेस को कुछ सीटों पर बढ़त मिली है, लेकिन कुल मिलाकर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी:

  • इन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेश में भी कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा है और शुरुआती रुझानों के मुताबिक पार्टी का खाता कुछ हिस्सों में भी खुलना मुश्किल दिखा है।

केरल:

  • केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-नेतृत्व वाले गठबंधन ने बेहतर प्रदर्शन किया है और वहां पार्टी को सीटें मिल रही हैं — यानी कांग्रेस का “जीरो” आंकड़ा सिर्फ कुछ राज्यों तक सिमित है

दिल्ली में तीन बार से जीरो पर रह ही कांग्रेस 
इससे पहले पिछले साल दिल्ली विधानसभा  चुनाव में भी कांग्रेस खाता नहीं खोल सकी थी. दिल्ली में पिछले तीन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस जीरो पर रहने का हैट्रिक बना चुकी है. 2015 में हुए दिल्ली चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला था. 2020 में भी का खाता नहीं खुल पाया था. 

दिल्ली और पश्चिम बंगाल के अलावा नागालैंड में भी कांग्रेस कोई सीट हासिल नहीं कर सकी थी. नागालैंड में 2023 में विधानसभा चुनाव हुए थे. इसमें कांग्रेस खाता नहीं खुल पाया था. 

आंध्र प्रदेश और नागालैंड में भी कांग्रेस को नहीं मिली थी कोई सीट 
वहीं आंध्र प्रदेश में 2024 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका था. वहां कांग्रेस 158 सीटों पर चुनाव लड़की थी, लेकिन एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई थी. यहां भी कांग्रेस की स्थिति जीरो ही रही थी. इस तरह दिल्ली, आंध्र प्रदेश, नागालैंड और पिछली बार पश्चिम बंगाल में हुए चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई. वहीं बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में हुए विगत चुनावों में भी कांग्रेस का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है.

हालाँकि पूरे देश के ऐक्ज़िट पोल और मतगणना के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस कई राज्यों में पिछड़ती दिख रही है, लेकिन पार्टी का संपूरक पलड़ा सिर्फ “कुछ राज्यों” तक सीमित है, न कि पूरे भारत में। कांग्रेस को केरल जैसे राज्यों से समर्थन मिलता दिख रहा है, जहाँ गठबंधन में सीटें मिल रही हैं.