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Kanpur News: 50 हजार व्यापारियों को बड़ी राहत! पुराने टैक्स पर 100% छूट, जानें पूरी स्कीम

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 से कानपुर, बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के करीब 50 हजार व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है. योजना के तहत जीएसटी लागू होने से पहले के वैट, सेल्स टैक्स और अन्य पुराने वाणिज्यिक कर विवादों में ब्याज व जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है.
 
KANPUR UP

Kanpur Tax Waiver Scheme 2026:  उत्तर प्रदेश में पुराने कर विवादों में उलझे कारोबारियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। प्रस्तावित ब्याज और अर्थदंड माफी योजना 2026 लागू होने पर कानपुर और आसपास के करीब 50 हजार व्यापारियों को इसका फायदा मिल सकता है। योजना के तहत बकाया मूल कर जमा करने पर ब्याज में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट देने का प्रस्ताव बताया जा रहा है। साथ ही, पात्र मामलों में जुर्माना पूरी तरह माफ किया जा सकता है।

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पुराने बकाये से कारोबारियों को मिलेगी राहत

जीएसटी लागू होने से पहले बिक्री कर, व्यापार कर और वैट से जुड़े कई मामले अब भी लंबित हैं। इन मामलों में समय के साथ ब्याज और जुर्माना बढ़ने से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई कारोबारियों के लिए मूल कर के मुकाबले ब्याज और अर्थदंड की राशि काफी अधिक हो गई है।

इसी समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पुराने कर विवादों के निपटारे के लिए नई माफी योजना लाने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य बकाया कर की वसूली को आसान बनाना और लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान करना है। प्रदेश स्तर पर करीब पांच लाख कारोबारियों को लाभ मिलने का अनुमान है।

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बकाया राशि के हिसाब से तय होगी छूट

प्रस्तावित योजना में कारोबारियों को बकाया राशि के आधार पर अलग-अलग स्तर पर राहत देने की बात कही गई है।

  • 10 लाख रुपये तक का बकाया: ब्याज में 100 प्रतिशत तक छूट।

  • 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक: ब्याज में 90 प्रतिशत छूट।

  • 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक: ब्याज में 75 प्रतिशत छूट।

  • 5 करोड़ रुपये से अधिक: ब्याज में 50 प्रतिशत छूट।

बताए गए प्रावधानों के अनुसार, पात्र मामलों में अर्थदंड पूरी तरह माफ किया जा सकता है। हालांकि, कारोबारियों को निर्धारित मूल कर जमा करना होगा। छूट का वास्तविक लाभ योजना की अंतिम शर्तों और सरकारी अधिसूचना पर निर्भर करेगा।

किन कारोबारियों को मिल सकता है फायदा?

योजना के दायरे में जीएसटी लागू होने से पहले के विभिन्न कर कानूनों से संबंधित बकाये शामिल किए जाने की तैयारी है। इनमें बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर, प्रवेश कर और वैट से जुड़े मामले शामिल हो सकते हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक के बकाये को योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों तक को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, किन मामलों को पात्र माना जाएगा और आवेदन कैसे करना होगा, यह अंतिम अधिसूचना से स्पष्ट होगा।

कानपुर में कारोबारियों की निगाहें सरकार के फैसले पर

कर अधिवक्ता संतोष गुप्ता के मुताबिक, योजना से प्रदेश के लगभग पांच लाख कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है। कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 50 हजार कारोबारियों को इससे राहत मिल सकती है। अनुमान है कि प्रदेश में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के ब्याज और अर्थदंड से जुड़ी राहत दी जा सकती है।

यदि योजना प्रस्तावित स्वरूप में लागू होती है, तो पुराने कर विवादों में फंसे कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ लंबित मामलों के निपटारे का अवसर भी मिल सकता है। फिलहाल व्यापारियों को योजना की आधिकारिक घोषणा, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की समयसीमा से जुड़ी शर्तों का इंतजार करना होगा।