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PM मोदी की ‘7 अपीलों’ पर केजरीवाल ने उठाए सवाल, बोले- “देश में आखिर चल क्या रहा है?”

AAP प्रमुख ने अर्थव्यवस्था, मिडिल क्लास और वैश्विक संकट को लेकर केंद्र सरकार से मांगे जवाब
 
PM मोदी की ‘7 अपीलों’ पर केजरीवाल ने उठाए सवाल, बोले- “देश में आखिर चल क्या रहा है?”
New Delhi: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों के लिए जारी की गई “7 अपीलों” को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने जनता से इतने “कठोर कदम” उठाने की अपील की है, जिससे लोगों के मन में आशंका और भ्रम पैदा हो रहा है।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश कई संकटों से गुजरा है युद्ध, आर्थिक मंदी और अंतरराष्ट्रीय तनाव भी देखे गए लेकिन आज तक किसी प्रधानमंत्री ने इस तरह की अपीलें नहीं कीं। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानना चाहता है कि आखिर सरकार को ऐसी अपीलें करने की जरूरत क्यों पड़ी।

“देश की अर्थव्यवस्था किस हालत में है?”

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधे तीन सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार जनता से सोना कम खरीदने, तेल बचाने और खर्च कम करने जैसी अपील कर रही है, तो इसका मतलब साफ है कि अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है।

AAP प्रमुख ने कहा, “देश को यह जानने का अधिकार है कि हमारी अर्थव्यवस्था की असली स्थिति क्या है और आने वाले समय में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। सिर्फ अपील करने से काम नहीं चलेगा, सरकार को पारदर्शिता भी दिखानी होगी।”

ईरान-अमेरिका तनाव का जिक्र, लेकिन बार-बार हुई चूक

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। हालांकि बयान के दौरान वह कई बार “ईरान-अमेरिका” की जगह “इराक-अमेरिका युद्ध” बोल गए, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया के दूसरे देशों ने ऐसे कठोर कदम नहीं उठाए, तो भारत सरकार को जनता से इतनी बड़ी अपीलें करने की जरूरत क्यों महसूस हुई।

“सिर्फ मिडिल क्लास ही क्यों करे कुर्बानी?”

केजरीवाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन अपीलों का पूरा बोझ मध्यम वर्ग पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश को आर्थिक संकट से निकालने के लिए त्याग की जरूरत है, तो इसकी शुरुआत सरकार और बड़े उद्योगपतियों से होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “मिडिल क्लास से कहा जा रहा है कि विदेश मत जाओ, सोना मत खरीदो, पेट्रोल-डीजल बचाओ… लेकिन क्या सरकार ने अपने खर्च कम किए? क्या बड़े उद्योगपतियों से कोई अपील की गई?”

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि आम जनता से कुर्बानी मांगी जा रही है, जबकि सत्ता और बड़े कारोबारी वर्ग पर कोई दबाव नहीं डाला जा रहा।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

AAP प्रमुख के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इसे “भ्रम फैलाने की राजनीति” बताया है, जबकि विपक्षी दल सरकार से आर्थिक हालात पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग कर रहे हैं। अब यह मुद्दा आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बहस का विषय बन सकता है।