दुर्गापुर कोर्ट में कानून व्यवस्था ध्वस्त, राजीव घोष की पेशी पर समर्थक- विरोधी भिड़े, जूता कांड से मचा हड़कंप
Durgapur Court Political Tension: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष की पेशी के दौरान अचानक भारी बवाल हो गया. देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कोर्ट परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. इस दौरान जूते चलने की घटना सामने आई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई.
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, किसी मामले में पेशी के लिए राजीव घोष को दुर्गापुर कोर्ट लाया गया था। पेशी के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर पहले बहस हुई, जो कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई. इसी दौरान जूता उछाले जाने की घटना सामने आई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.
गुस्साये प्रदर्शनकारियों ने न केवल ‘चोर-चोर’ के नारे लगाये, बल्कि राजीव घोष की तरफ जूते दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गयी कि पुलिस को भीड़ को संभालने में पसीने छूट गये. सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ी को वहां तैनात करना पड़ा.
राजीव घोष पर आरोपों की है लंबी फेहरिस्त
राजीव घोष की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के पीछे भ्रष्टाचार और आतंक के गंभीर आरोप बताये जा रहे हैं. बीजेपी का आरोप है कि राजीव घोष लंबे समय से दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में मारपीट, बमबाजी और राजनीतिक जुल्म के पर्याय बने हुए थे.
स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों से जबरन वसूली और सिंडिकेट चलाने के आरोपों ने उनकी छवि को धूमिल किया है. जिला बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राजीव ने भ्रष्टाचार के जरिये करोड़ों की संपत्ति बनायी और सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर आम जनता को डराया-धमकाया.
कोर्ट परिसर में चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही पुलिस की गाड़ी कोर्ट परिसर में दाखिल हुई, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स की ओर दौड़ पड़े. हाथों में पार्टी का झंडा और पैर से निकाले हुए जूते लेकर प्रदर्शनकारी राजीव घोष के खिलाफ चिल्ला रहे थे. उनका कहना था कि ‘जनता का पैसा लूटने वालों की जगह जेल में’ है.
सुरक्षा का कड़ा घेरा, मची अफरा-तफरी
हालात बिगड़ता देख राज्य पुलिस के साथ तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) ने तुरंत मोर्चा संभाला. राजीव घोष को सुरक्षित कोर्ट रूम तक ले जाने के लिए पुलिस को मानव शृंखला (Human Chain) बनानी पड़ी. अचानक हुए इस हंगामे के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद आम लोग और वकील भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आये.
बीजेपी नेता सुमंत मंडल ने कहा कि राजीव घोष की गिरफ्तारी जनता की जीत है. उन्होंने दावा किया कि दुर्गापुर की जनता अब चुप नहीं बैठने वाली है. भ्रष्टाचार में लिप्त हर नेता को इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ेगा. दूसरी ओर, टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व ने इस घटना को बीजेपी की ‘ओछी राजनीति’ करार दिया है. पार्टी ने कहा है कि कानून निष्पक्ष जांच करेगा.







