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22 दिन में उखड़ने लगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, 8 जगह धंसी सड़क; अखिलेश यादव ने साधा सरकार पर निशाना

 
22 दिन में उखड़ने लगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, 8 जगह धंसी सड़क; अखिलेश यादव ने साधा सरकार पर निशाना

UP News: करोड़ों रुपये की लागत से तैयार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज 22 दिनों के भीतर ही सवालों के घेरे में आ गया है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में सड़क धंसने और डामर उखड़ने की घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जबकि बारिश के कारण मरम्मत वाले हिस्सों को जल्दी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं।

इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “ये है भाजपाई तरक्की की नई हवा। कुछ दिन पहले जिस सड़क का उद्घाटन हुआ, उसे अब मरम्मत की जरूरत पड़ गई है। मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे लगाए जा रहे हैं। दो-तीन हफ्तों में ही जिस एक्सप्रेसवे की हालत खराब हो जाए, उस पर सफर का जोखिम कौन उठाएगा?” उन्होंने परियोजना की गुणवत्ता और सरकारी कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

आठ जगह उखड़ी सड़क, कई स्थानों पर धंसाव

जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर पहली बार 26 जुलाई को उन्नाव जिले के कुरारी गांव के पास किलोमीटर-64 पर सड़क का डामर उखड़ा और धंसाव देखा गया। इसके बाद कुछ ही दिनों में अलग-अलग स्थानों पर इसी तरह की खराबी सामने आती गई। 3 अगस्त तक एक्सप्रेसवे के कुल आठ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई। इनमें किलोमीटर 36, 45, 64, 68, 70, 72, 75 समेत अन्य हिस्से शामिल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान किलोमीटर-64 पर हुआ, जहां करीब 200 मीटर लंबा हिस्सा दोबारा बनाया जा रहा है।

NHAI ने शुरू की कार्रवाई, टोल वसूली पर भी रोक

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निर्माण एजेंसी के साथ-साथ परियोजना की निगरानी करने वाले स्वतंत्र इंजीनियरिंग सलाहकार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

एनएचएआई के मुख्य महाप्रबंधक एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि जब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी तरह मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली रोक दी गई है। मरम्मत और टोल बंद रहने से होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी पीएनसी से की जाएगी।

14 जुलाई से शुरू हुआ था यातायात

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था। अगले दिन यानी 14 जुलाई से एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिया गया था।

अब उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई तकनीकी खामियों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, विपक्ष इसे सरकार की कार्यशैली पर हमला करने का बड़ा मुद्दा बना रहा है, जबकि एनएचएआई ने जिम्मेदार एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई और जल्द मरम्मत पूरी कराने का भरोसा दिया है।