सूरत में प्रवासी बंगाली समाज का महासम्मेलन: संस्कृति, एकता और समाजसेवा को नई दिशा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भले ही रोजगार और व्यवसाय के कारण बड़ी संख्या में बंगाली परिवार गुजरात में रह रहे हों, लेकिन उन्होंने अपनी मातृभूमि बंगाल की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को पूरी निष्ठा के साथ जीवित रखा है। यह समर्पण न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, जनकल्याण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों में प्रवासी समाज की सक्रिय भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। बताया गया कि संगठित प्रयासों के कारण सूरत में बंगाली समुदाय सामाजिक रूप से मजबूत और सुव्यवस्थित बन पाया है।
बैठक का मुख्य फोकस भविष्य में संयुक्त पहल को और सशक्त बनाना, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना और प्रवासी बंगालियों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना रहा।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के संवाद और समन्वय से समाजसेवा की गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रवासी बंगाली समाज आने वाले समय में और अधिक संगठित होकर सामाजिक योगदान देता रहेगा।







