उज्जैन में सनातन श्रद्धा का महासंगम: स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के सानिध्य में भव्य रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ
वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
महायज्ञ का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. विरुपक्ष जड्डीपाल, डॉ. अर्पण भारद्वाज, प्रो. शिवशंकर मिश्रा तथा रोहित कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्वामी करपात्री जी के विचारों पर होगा राष्ट्रीय विमर्श
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विरुपक्ष जड्डीपाल ने घोषणा की कि जल्द ही दिल्ली में महान संत स्वामी करपात्री जी महाराज के साहित्य, दर्शन और योगदान पर केंद्रित तीन दिवसीय व्याख्यान माला का आयोजन किया जाएगा। वहीं दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने स्वामी करपात्री जी के विचारों को अकादमिक पाठ्यक्रमों में शामिल करने की दिशा में प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया।
एक करोड़ बार होगा ललिता सहस्रनाम का पाठ
महायज्ञ की सबसे विशेष बात यह है कि ललिता सहस्रनाम के 1008 नामों का एक करोड़ बार जप एवं सिंदूर अर्चन किया जाएगा। इसी कारण इस अनुष्ठान को “सिंदूर महायज्ञ” के नाम से भी जाना जाता है। आयोजकों के अनुसार यह आध्यात्मिक ऊर्जा, विश्व शांति और जनकल्याण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
49वें महायज्ञ के साथ नया अध्याय
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी द्वारा आयोजित यह 49वां महायज्ञ है। इससे पूर्व वे देशभर में 48 भव्य वैदिक महायज्ञों का सफल आयोजन कर चुके हैं। धार्मिक और सामाजिक चेतना को समर्पित यह आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
‘2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाना हमारा संकल्प’
अपने संबोधन में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प प्रत्येक सनातनी और प्रत्येक भारतीय का होना चाहिए। उन्होंने देश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की प्राचीन वैदिक परंपराएं आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्राप्त कर रही हैं।







