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Mahua Moitra Supreme Court: महुआ की याचिका पर SC का बड़ा अपडेट, बंगाल सरकार से 7 दिन में जवाब

Kolkata:  तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा. मामला नदिया जिले के कृष्णानगर सर्किट हाउस से जुड़ा है, जहां महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि कमरा आवंटित होने के बावजूद जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें परिसर खाली करने के लिए कहा.
 
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Kolkata:  तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा है। मामला नदिया जिले के कृष्णानगर सर्किट हाउस से जुड़ा है, जहां महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि उन्हें देर रात परिसर खाली करने के लिए कहा गया था। उन्होंने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

SC ने महुआ की याचिका पर लोकसभा महासचिव से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को भी जवाब पर अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मिलेगा। इसके बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

महुआ मोइत्रा के मुताबिक, 14 अगस्त की रात वह कृष्णानगर सर्किट हाउस में ठहरी हुई थीं। उनके अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से उन्हें सर्किट हाउस का कमरा खाली करने के लिए कहा गया, जबकि उनके लिए वहां कमरा आवंटित था।

महुआ मोइत्रा ने इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी थी। उन्होंने दावा किया था कि सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा थे और उनके कमरे से बाहर निकलने को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि बाहर मौजूद लोगों की ओर से ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जा रहे थे। इन दावों पर संबंधित पक्षों का पक्ष न्यायिक प्रक्रिया में सामने आना बाकी है।

लोकसभा अध्यक्ष को भी लिखा था पत्र

घटना के बाद कृष्णानगर की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की थी।

अपने पत्र में उन्होंने कहा था कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें सर्किट हाउस खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। उन्होंने इस घटनाक्रम को एक महिला सांसद की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जोड़ते हुए लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप का आग्रह किया था।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

महुआ मोइत्रा ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। अदालत ने मामले पर राज्य सरकार का पक्ष जानने का फैसला किया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जवाब दाखिल करने की बात कही।

पीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद याचिकाकर्ता को भी प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए एक सप्ताह मिलेगा। उसके बाद मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

मामला पहले भी अदालत पहुंचा था

महुआ मोइत्रा से जुड़े अलग-अलग कानूनी मामले हाल के महीनों में कलकत्ता हाई कोर्ट में भी सामने आए हैं। सितंबर में कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ लंबित एक शिकायत मामले को सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली उचित अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

हालांकि, यह मामला कृष्णानगर सर्किट हाउस से जुड़े उनके सुप्रीम कोर्ट में दाखिल मामले से अलग है।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब पश्चिम बंगाल सरकार को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब दाखिल करना होगा। इसके बाद महुआ मोइत्रा की ओर से प्रत्युत्तर दाखिल किया जाएगा। दोनों पक्षों के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट मामले की आगे सुनवाई करेगा।

फिलहाल अदालत ने मामले के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। आगे की सुनवाई में राज्य सरकार का पक्ष और याचिकाकर्ता की दलीलें सामने आने के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होगी।