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बंगाल पुलिस में बड़े स्तर पर फेरबदल, सुप्रतिम सरकार अब नहीं रहेंगे एडीजी CID, कई अधिकारियों को मिली नई पोस्टिंग

Kolkata: राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह फेरबदल पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपने के उद्देश्य से किया गया है. इस बदलाव के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों के विभागों में भी परिवर्तन किया गया है.
 
KOLKATA

Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है. जारी अधिसूचना के अनुसार, एडीजी (CID) सुप्रतिम सरकार को उनके पद से हटा दिया गया है. उनके साथ कई अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं.

बंगाल आईपीएस फेरबदल: चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद सरकार ने हटाए गए  अधिकारियों को नए पदों पर नियुक्त किया

राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह फेरबदल पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपने के उद्देश्य से किया गया है. इस बदलाव के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों के विभागों में भी परिवर्तन किया गया है. सुप्रतिम सरकार को एडीजी सीआईडी ​​के पद से हटा दिया गया है. इसके साथ ही कई आईपीएस और डब्ल्यूबीपी पदों में फेरबदल किया गया है. यह आदेश मंगलवार को जारी किया गया. बारुईपुर मामले में दो एएसपी को भी हटाया गया है.

किसको कहां भेजा गया

ममता बनर्जी के करीबी मानेजानेवाले आईपीएस सुप्रतिम सरकार का एक बार फिर तबादला कर दिया गया है. उन्हें एडीजी सीआईडी ​​के पद से हटाकर एडीजी टेलीकॉम के पद पर नियुक्त किया गया है. यह अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण पद है. उन्हें डीजी सीआईडी ​​के पद पर लाया गया है. डीजी सीआईडी के पद पर नटराजन रमेशबाबू को लाया गया है. नटराजन रमेशबाबू तृणमूल शासन के दौरान वित्तीय भ्रष्टाचार की जांच का जिम्मा संभाला था. वे एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं.

बिधाननगर के पुलिस कमिश्नर पद से त्रिपुरारी अथर्व को हटा दिया गया है. बिधाननगर के नये सीपी है अमित राठौर. बारुईपुर के दो अतिरिक्त एसपी का भी तबादला कर दिया गया है. पिनाकी दत्त को हटाकर आतिश बिश्वास को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. सूर्यपुर घटना ने पुलिस में मुख्यमंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए थे. यह सवाल भी उठा कि पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचने में देरी क्यों कर रहे थे. इसके बाद यह कार्रवाई की गई.