Newshaat_Logo

ममता की मीटिंग को हरी झंडी, लेकिन जुलूस पर रोक! जस्टिस भट्टाचार्य का आदेश

Kolkata: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रस्तावित मीटिंग को लेकर कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. जस्टिस भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी को शर्तों के साथ मीटिंग करने की अनुमति दी है, लेकिन जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है. कोर्ट के आदेश के बाद अब तय शर्तों के तहत ही मीटिंग आयोजित की जा सकेगी. जुलूस की अनुमति नहीं मिलने से आयोजकों को बड़ा झटका लगा है.
 
BENGAL

Kolkata: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रस्तावित सभा को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सशर्त अनुमति दी है। तृणमूल कांग्रेस के नेता असित मजूमदार ने महेश घाटी से सेरामपुर कोर्ट तक जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने जुलूस के बजाय कालीघाट में सभा आयोजित करने का निर्देश दिया।

Mamata Banerjee Sit In Protest | BJP-tmc Conflict : बंगाल में आर-पार की जंग  शुरू, टीएमसी का सुवेंदु सरकार के खिलाफ बड़ा ऐलान - News18 हिंदी

अदालत ने सभा के लिए कई शर्तें भी तय की हैं। इसके तहत आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जानी चाहिए। सभा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक ही आयोजित की जा सकेगी और इसमें अधिकतम 2,000 लोग शामिल हो सकेंगे।

सभा में विवादित बयान पर रोक

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभा के दौरान ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए, जिससे किसी विशेष समुदाय या समूह की भावनाएं आहत हों। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य सरकार के विभिन्न मुद्दों के विरोध में जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी।

तृणमूल कांग्रेस के वकील कल्याण बनर्जी ने अदालत में कहा कि पार्टी जुलूस निकालना चाहती थी, लेकिन अदालत के सुझाव के बाद सभा आयोजित करने पर सहमति बनी। अब अदालत के निर्देश के अनुसार तय स्थान और समय पर सभा आयोजित की जाएगी।