Meerut Murder Case: अमित कश्यप हत्याकांड की पूरी कहानी, मेरठ कोर्ट का बड़ा फैसला...
Meerut Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 18 महीने पुराने इस मामले में मृतक की पत्नी रविता कश्यप और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों ने अमित की हत्या करने के बाद मामले को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच में साजिश की परतें खुलती चली गईं।

बिस्तर पर मिला था अमित का शव, पास में था सांप
यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। 13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। उसके शरीर पर सांप के काटने जैसे कई निशान थे और बिस्तर पर सांप भी मौजूद था। शुरुआती तौर पर परिवार को लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।

लेकिन जब परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया, तो पत्नी रविता ने इसका विरोध किया। इसके बाद मामला पुलिस की जांच के दायरे में आया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कहानी का रुख बदल दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान सामने आया कि अमित के शरीर में सांप का जहर नहीं था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी मौत दम घुटने से हुई थी। रिपोर्ट में गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज टूटने की बात भी सामने आई, जिससे पुलिस को हत्या की आशंका और मजबूत हुई।

पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की और अमित की पत्नी रविता पर शक बढ़ने लगा।
पत्नी रविता और अमरदीप पर क्यों हुआ शक?
पुलिस की जांच में अमित की पत्नी रविता और उनके दोस्त अमरदीप के बीच संबंधों की बात सामने आई। अभियोजन के मुताबिक, अमित को दोनों के संबंधों पर शक हो गया था और इसी वजह से तनाव था।
जांच में मोबाइल कॉल रिकॉर्ड अहम सुराग बना। रिपोर्टों के अनुसार, हत्या के आसपास के 24 घंटों में रविता और अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी। पुलिस ने कॉल डिटेल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे साक्ष्यों को जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ाई।
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जांच एजेंसियों ने इसी समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला तैयार किया।
सांप कहां से आया था?
मामले की जांच में एक और अहम बात सामने आई। अभियोजन के अनुसार, अमरदीप ने एक सपेरे से जागरण के लिए सांप खरीदने के बहाने संपर्क किया था और करीब 1,000 रुपये में सांप लिया था। सपेरे को मामले में गवाह बनाया गया।
पुलिस का आरोप था कि अमित की हत्या के बाद सांप को उनके शव के पास छोड़कर मौत को प्राकृतिक दिखाने की कोशिश की गई। अदालत में सपेरे की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पेश किए गए।
पुलिस जांच से अदालत तक का सफर
मामले में जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 26 जून 2025 को आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 प्रमुख गवाह पेश किए। अदालत में लंबे समय तक सुनवाई चली और पुलिस की विवेचक उपनिरीक्षक इंदु वर्मा की जांच भी मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।
7 अक्टूबर 2026 को मेरठ की एडीजे-12 अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या तथा आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। इसके बाद अदालत ने सजा पर सुनवाई की।
ADJ-12 कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा
मेरठ की एडीजे-12 अदालत में मामले की सुनवाई हुई। खबर में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने रविता कश्यप और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता फरजाना मकसूद ने फैसले की जानकारी दी।
इस मामले में अदालत के फैसले के बाद अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। मृत्युदंड के मामलों में लागू कानूनी प्रक्रिया और अपील संबंधी प्रावधानों के तहत आगे की स्थिति तय होगी।
16 अक्टूबर 2026 को दोनों को फांसी की सजा
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को एडीजे-12 के न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने अपराध को दुर्लभतम श्रेणी का माना। दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी।
यह फैसला आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, मृत्युदंड सुनाए जाने और उसे अंतिम रूप से लागू किए जाने में कानूनी अंतर होता है। भारत में सत्र अदालत द्वारा दी गई फांसी की सजा को लागू करने से पहले हाई कोर्ट की पुष्टि आवश्यक होती है और कानून के अनुसार आगे अपील के विकल्प भी हो सकते हैं।
पूरे मामले में सबसे अहम सबूत क्या रहे?
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट: मौत सांप के जहर से नहीं, दम घुटने से हुई।
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कॉल डिटेल रिकॉर्ड: रविता और अमरदीप के बीच बार-बार बातचीत।
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सपेरे की गवाही: सांप हासिल करने से जुड़ी कड़ी।
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अन्य गवाह और पुलिस जांच: अभियोजन ने कुल 12 प्रमुख गवाह पेश किए।
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अदालत का फैसला: 7 अक्टूबर को दोषसिद्धि और 16 अक्टूबर को मृत्युदंड।







