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गोरखपुर में दुर्गा पूजा के बीच मेरठ कांड की झांकी, फांसी पर लटके दिखे मुस्कान और साहिल के पुतले

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दुर्गा पूजा पंडाल में मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड को अनोखे अंदाज में प्रदर्शित किया गया. पंडाल में मुस्कान और साहिल के पुतलों को फांसी पर लटका हुआ दिखाया गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा. इस झांकी के जरिए मेरठ में सामने आए चर्चित आपराधिक मामले को दर्शाने की कोशिश की गई. दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक झांकियों के साथ सामाजिक घटनाओं को प्रदर्शित करने का यह तरीका चर्चा का विषय बन गया.

 
UP

Uttar Pradesh:  उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया अब भी सामने आ रही है। इसी कड़ी में गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के प्रतीकात्मक पुतले फांसी के फंदे पर लटकाए गए। पूजा समिति ने इस प्रदर्शन को गंभीर अपराधों के खिलाफ संदेश देने और अदालत के फैसले के समर्थन में उठाया गया कदम बताया है।

दुर्गा पंडाल में फांसी पर लटकाए गए साहिल-मुस्कान के पुतले, नीले ड्रम कांड  के दोषी हैं प्रेमी-प्रेमिका - Gorakhpur Effigies of Sahil and Muskan hung  from a noose at a Puja ...

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्गा पूजा समिति ने सड़क किनारे दोनों के आदमकद पुतले लगाए हैं। पंडाल के पास से गुजरने वाले लोगों के बीच यह दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है। समिति के अध्यक्ष नितेश ने बताया कि प्रदर्शन का मकसद गंभीर अपराधों के खिलाफ समाज में सख्त संदेश देना है।

अदालत के फैसले के बाद लगाया गया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

मेरठ नीला ड्रम कांड:गोरखपुर में फैसले का अनोखा समर्थन, दुर्गा पंडाल में फांसी  पर लटकाए मुस्कान-साहिल के पुतले - Meerut Blue Drum Murder Case: Gorakhpur  Durga ...

मेरठ की अदालत की ओर से मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद यह प्रदर्शन किया गया। पूजा समिति ने इसे न्यायिक फैसले के प्रति समर्थन जताने का तरीका बताया है। हालांकि, पुतलों को फांसी पर लटकाना एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन है, न कि सजा के वास्तविक क्रियान्वयन का दृश्य।

क्या है मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड?

यह मामला मार्च 2025 में मेरठ के मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर उनकी हत्या की थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में रखा गया और सीमेंट से बंद कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद देशभर में इसकी व्यापक चर्चा हुई थी।

30 सितंबर को दोषी करार, 14 अक्टूबर को सजा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मेरठ की अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को मौत की सजा सुनाई गई। फैसले के बाद गोरखपुर की पूजा समिति ने प्रतीकात्मक पुतले लगाकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

अपराध के खिलाफ संदेश देने का दावा

पूजा समिति का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि गंभीर अपराधों को लेकर समाज में जागरूकता और कानून के प्रति सम्मान जरूरी है। वहीं, दुर्गा पूजा जैसे सार्वजनिक आयोजन में इस तरह का दृश्य सामने आने से स्थानीय इलाके में चर्चा तेज हो गई है।

मेरठ का नीला ड्रम हत्याकांड पहले से ही अपनी गंभीरता के कारण सुर्खियों में रहा है। अब गोरखपुर में हुए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन ने एक बार फिर इस मामले को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है।