मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ED डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल बढ़ा
Modi Government: केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति (ACC) ने उनके कार्यकाल में 13 अगस्त 2026 के बाद एक साल का विस्तार मंजूर किया है। इसके साथ ही राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, ED निदेशक के पद पर बने रहेंगे।

रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगी सेवा
राहुल नवीन 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी हैं। उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई 2027 है। सरकार के आदेश में उन्हें सेवा विस्तार इस तरह दिया गया है कि वह अपनी सेवानिवृत्ति की तारीख के बाद भी ED निदेशक के रूप में काम कर सकें।
राहुल नवीन ने अगस्त 2024 में ED के पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले सितंबर 2023 से उन्होंने एजेंसी के कार्यवाहक निदेशक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी।
कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच का नेतृत्व
राहुल नवीन के कार्यकाल में ED ने कई चर्चित मामलों में जांच की है। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले शामिल हैं।
इसके अलावा राहुल नवीन के नेतृत्व में ED ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति की वसूली से जुड़े मामलों में भी काम किया है। ED की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, वह अंतरराष्ट्रीय कराधान के विशेषज्ञ रहे हैं और आयकर विभाग में 30 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके हैं।
FATF के साथ भी अहम भूमिका
राहुल नवीन के कार्यकाल में ED की अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी गतिविधियों को भी महत्व मिला। ED की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत को 2024 में FATF की म्यूचुअल इवैल्यूएशन प्रक्रिया में ‘रेगुलर फॉलो-अप’ श्रेणी में रखा गया था। रिपोर्ट में ED की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उसके काम का उल्लेख किया गया है।
PMLA के तहत संपत्ति वापस दिलाने में भूमिका
राहुल नवीन ने धन शोधन मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान और उनकी वसूली से जुड़े काम में भी भूमिका निभाई है। ED का मुख्य दायित्व PMLA, FEMA और Fugitive Economic Offenders Act जैसे कानूनों को लागू करना है।
केंद्र के इस फैसले के बाद राहुल नवीन करीब एक और साल तक देश की प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी ED का नेतृत्व करते रहेंगे।







