एक्सीडेंट होने पर मोदी सरकार देगी 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज! पीएम मोदी जल्द ला रहे नई योजना
National: आयुष्मान कार्ड, पीएम जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा जैसी योजनाओं के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक और बड़ी योजना लॉन्च करने वाले हैं. यह योजना सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों के लिए राहत लेकर आएगी. योजना के तहत एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति को तुरंत 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा.
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि यह योजना पूरे देश में लागू की जाएगी. इसका उद्देश्य समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने से होने वाली मौतों को कम करना है. इस योजना के लागू होने से न केवल घायल लोगों को राहत मिलेगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है.
सड़क परिवहन मंत्रालय ने 14 मार्च, 2024 को चंडीगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना की शुरुआत की थी. योजना के तहत एक्सीडेंट की तारीख से 7 दिनों के भीतर घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जाता है. पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे 6 और राज्यों में बढ़ाया गया.
अभी तक कितने लोगों को लाभ मिला
मार्च, 2024 से अब तक लगभग 80 फीसदी मामलों में कैशलेस इलाज प्रदान किया गया है. कुल 6,833 आवेदन में से 5,480 लोगों को योजना के तहत लाभ मिला. शेष मामलों को पुलिस ने खारिज किया. सड़क दुर्घटना के लिए अब तक 73,88,848 रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
कैसे मिलेगा योजना का लाभ
यह योजना हर प्रकार के मोटर वाहन से हुई सड़क दुर्घटना पर लागू होगी. चाहे वाहन कोई भी हो, दुर्घटना का शिकार व्यक्ति योजना के तहत कैशलेस उपचार का हकदार होगा. इस सुविधा से घायलों को समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
नितिन गडकरी ने कहा कि इस योजना से राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रालयों के सहयोग से तेजी से राहत पहुंचाई जाएगी. योजना के लागू होने के बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराने पर तुरंत इलाज का प्रावधान होगा, जिससे गंभीर चोटों या मौत की आशंका कम होगी.
योजना की खासियत
- एक्सीडेंट के 7 दिनों के भीतर कैशलेस इलाज.
- हर प्रकार के मोटर वाहन दुर्घटना में लागू.
- घायल व्यक्ति को अस्पताल में तुरंत उपचार का हक.
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में जल्द लागू.
इस नई योजना से सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए राहत और जीवन रक्षा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है.







