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UP में आरक्षण की मांग को लेकर फिर गरजे मुकेश सहनी
 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को अपना मिशन बना चुके विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख और बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी आगरा पहुंचे. आगरा में विकासशील इंसान पार्टी के तत्वाधान में फतेहाबाद के पूठपुरा तिराहे पर निषाद जनचेतना रैली का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि रहे बिहार सरकार के पशुधन मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि इस पार्टी का गठन निषाद समाज को एससी का आरक्षण और अधिकार दिलाने के लिए किया गया है.

आपको बता दे कि आगरा में  VIP के कार्यकर्ताओं ने मुकेश सहनी का जोरदार स्वागत किया. मुकेश सहनी ने कहा है कि मिशन 2022 में उत्तर प्रदेश में 27 जातियों को आरक्षण नहीं मिला तो भाजपा से गठबंधन नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य निषाद समेत 27 जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का अधिकार दिलाना और जातिगत जनगणना कराना है. वे पार्टी की ओर से फतेहाबाद के पूठपुरा तिराहे पर आयोजित निषाद अधिकार जनचेतना रैली को संबोधित कर रहे थे.

इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश में सहनी ने एक बार फिर निषाद समाज के आरक्षण की मांग करते हुए अपने आवाज़ बुलंद की. सहनी ने कहा कि जिस तरह बंगाल और दिल्ली में निषाद समाज के लोगों को आरक्षण मिला है, उसी तरह यूपी में भी आरक्षण मिलना चाहिए. यह लड़ाई बहुत लंबी है और मांग पूरी होने तक जारी रहेगी. सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 16 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बाद भी निषाद समाज के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया जा रहा है. इसके लिए निजस्वार्थ प्रेरित नेता दोषी हैं. निषाद समाज को राजपाट दिलाने का झूठा सपना दिखाकर एक नेता अपने परिवार के हित के लिए ही जुटा हुआ है. भोले भाले निषाद समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है. 

वहीं दूसरी तरफ वीआइपी के द्वारा आयोजित निषाद जनचेतना रैली को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते वीआईपी संस्थापक और बिहार सरकार में पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि अपने परिवार की ही भलाई सोचने वाले निषाद नेताओं ने समाज को तबाही का शिकार बना दिया. याचक नहीं शासन सत्ता का हिस्सेदार बनकर समाज की भलाई के लिए काम करने के लिए निषाद समाज को अपने वोट की ताकत को पहचाननी होगी. मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी पार्टी का उदय 2018 में निषाद आरक्षण आंदोलन से हुआ. जिसका मुख्य उद्देश्य निषाद समाज की जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण और उनका अधिकार दिलाना है. बिहार विधानसभा 2020 में राजद  गठबंधन के रूप में वीआइपी अपने चुनाव चिन्ह नाव पर चुनाव लड़कर 4 विधायक बनाई. बिहार में जितना महत्व 74 विधायकों का है, उतना ही 4 विधायकों का भी हैं. 

रैली को संबोधित करते हुए सहनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उड़ीसा में निषाद जातियों को अनूसूचित जाति का आरक्षण मिलता है तो उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड के निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, गोडिया आदि को क्यों नहीं. आगे सहनी ने कहा की उत्तर प्रदेश में सरकार निषाद जातियों के साथ सामाजिक राजनीतिक अन्याय कर रही है. उन्होंने मझवार, तुरैहा, गोंड, बेल्दार, खैरहा,खोरोट की तरह निषाद मछुआरा जातियों के आरक्षण और परंपरागत पुश्तैनी पेशों की बहाली की मांग की. इसी क्रम में वीआईपी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति निषाद ने जन चेतना रैली को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद कटपीस नहीं, थान वाली जातियों का समूह है. उत्तर प्रदेश की 403 में 169 सीटों पर 40 हजार से 1.20 लाख निषाद, कश्यप, बिंद मतदाता हैं. वीआइपी पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी.