Nandigram Bypoll: हसीरानी रथ के हलफनामे पर बवाल! कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
Kolkata: पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उम्र और शैक्षणिक योग्यता को लेकर कथित विसंगतियों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी ने इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का भी रुख किया है।

इसी के साथ कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की हिरासत और चुनाव प्रचार में उनकी भागीदारी को लेकर भी मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि यदि प्रधान को जमानत मिलती है, तो उन्हें चुनाव लड़ने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।
हसीरानी रथ के हलफनामे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस का आरोप है कि BJP उम्मीदवार हसीरानी रथ के चुनावी हलफनामे में उम्र और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित जानकारी आपस में मेल नहीं खाती। रिपोर्टों के मुताबिक हलफनामे में उनकी उम्र 60 वर्ष बताई गई है, जबकि शैक्षणिक योग्यता के कॉलम में 1965 में मैट्रिक परीक्षा पास करने की जानकारी दर्ज है।
कांग्रेस ने इसी आधार पर सवाल उठाया है कि दोनों जानकारियों को एक साथ कैसे सही माना जा सकता है। पार्टी ने चुनाव आयोग से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस ने संबंधित स्कूल के नाम और उस समय उसकी कक्षा 10 की मान्यता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इन आरोपों पर BJP ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि उम्र को लेकर कोई समस्या नहीं है और हलफनामे में टाइपिंग संबंधी गलती हुई हो सकती है। BJP की ओर से यह भी कहा गया है कि हसीरानी रथ ने 1980 में कक्षा 10 की पढ़ाई की थी।
कांग्रेस ने हाईकोर्ट से मांगी न्यायिक समीक्षा
कांग्रेस ने चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने को भी चुनौती दी है। पार्टी का कहना है कि हलफनामे में सामने आई जानकारी की जांच होनी चाहिए और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े फैसलों की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में इन आरोपों पर अंतिम फैसला होना बाकी है। फिलहाल हसीरानी रथ के खिलाफ लगाए गए आरोप कांग्रेस के दावे हैं, जिनकी न्यायिक जांच का परिणाम आना बाकी है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी और जमानत का मामला
दूसरी ओर, कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान पुराने मामलों में गिरफ्तार होने के बाद न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामलों में कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। एक मामले में उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जबकि एक अन्य मामले में हिरासत 5 अक्टूबर तक बताई गई है।
प्रधान ने अपनी गिरफ्तारी और अन्य मामलों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। कांग्रेस की ओर से दलील दी गई कि हिरासत के कारण उनके लिए चुनाव प्रचार करना मुश्किल हो रहा है, जबकि मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
हाईकोर्ट ने चुनाव लड़ने को लेकर दिया निर्देश
22 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि यदि मिलन प्रधान को जमानत मिलती है, तो उन्हें उपचुनाव लड़ने का उचित अवसर दिया जाए। अदालत ने मामले में राज्य की कार्रवाई को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं।
इससे पहले प्रधान ने छह मामलों में सुरक्षा और आगे की कार्रवाई से संरक्षण की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि कुछ पुराने मामले वापस लिए जा चुके हैं।
6 अक्टूबर को होगा नंदीग्राम में मतदान
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त होगा।
| चुनाव कार्यक्रम | तारीख |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 9 सितंबर 2026 |
| नामांकन की अंतिम तारीख | 16 सितंबर 2026 |
| नामांकन पत्रों की जांच | 17 सितंबर 2026 |
| नामांकन वापसी की अंतिम तारीख | 19 सितंबर 2026 |
| मतदान | 6 अक्टूबर 2026 |
| मतगणना | 9 अक्टूबर 2026 |
| चुनाव प्रक्रिया का समापन | 11 अक्टूबर 2026 |
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले एक तरफ BJP उम्मीद वार के हलफनामे को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की हिरासत और चुनाव प्रचार में उनकी भागीदारी का मामला अदालत तक पहुंच चुका है। ऐसे में मतदान से पहले दोनों कानूनी मामलों पर होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी।







