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दिल्ली में 21 दिव्यांग जोड़ों का सामूहिक विवाह कराएगा नारायण सेवा संस्थान, सम्मानजनक जीवन और सामाजिक समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

New Delhi: संस्थान के अनुसार, इस सामूहिक विवाह समारोह का उद्देश्य दिव्यांग युवक-युवतियों को सम्मानजनक पारिवारिक जीवन प्रदान करना और उनके सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है. समारोह में शामिल होने वाले जोड़ों में दृष्टिबाधित, श्रवण-बाधित, व्हीलचेयर उपयोगकर्ता तथा कृत्रिम अंगों की सहायता से जीवन यापन करने वाले युवक-युवतियां शामिल हैं.
 
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New Delhi: दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सामाजिक समावेशन के लिए कार्यरत नारायण सेवा संस्थान 6 और 7 जून को दिल्ली के रोहिणी स्थित गोल्डन स्टार बैंक्वेट में अपना 46वां दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करेगा. इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 21 दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधेंगे.

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संस्थान के अनुसार, इस सामूहिक विवाह समारोह का उद्देश्य दिव्यांग युवक-युवतियों को सम्मानजनक पारिवारिक जीवन प्रदान करना और उनके सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है. समारोह में शामिल होने वाले जोड़ों में दृष्टिबाधित, श्रवण-बाधित, व्हीलचेयर उपयोगकर्ता तथा कृत्रिम अंगों की सहायता से जीवन यापन करने वाले युवक-युवतियां शामिल हैं.

संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पिछले 22 वर्षों में संस्था 2,561 दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह संपन्न करा चुकी है. उन्होंने कहा कि संस्था दिव्यांगजनों के प्रति दया नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, अवसर और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने बताया कि समाज में आज भी दिव्यांग विवाह के सामने सामाजिक पूर्वाग्रह, आर्थिक अभाव, आत्मविश्वास की कमी, शारीरिक निर्भरता और उपयुक्त जीवनसाथी न मिलने जैसी समस्याएं मौजूद हैं. इन चुनौतियों को दूर करने के लिए संस्थान निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं, ऑपरेशन, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, आजीविका मार्गदर्शन तथा विवाह की संपूर्ण निःशुल्क व्यवस्था उपलब्ध कराता है.

संस्थान विवाह के बाद नवदंपतियों को गृहस्थी शुरू करने के लिए बिस्तर, अलमारी, गैस चूल्हा, किचन सेट, पंखा, सिलाई मशीन और व्हीलचेयर जैसी आवश्यक सामग्री भी प्रदान करता है.

प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगजनों के पुनर्वास को विवाह और आत्मनिर्भर जीवन से जोड़ने का यह मॉडल समाज के लिए प्रेरणादायी साबित हो रहा है. यह पहल केवल विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक और सुरक्षित पारिवारिक जीवन से जोड़ने का सशक्त प्रयास है.

दो दिवसीय कार्यक्रम में वैदिक पूजा-पाठ, मेहंदी, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा. समारोह में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, उद्योगपति और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे.

संस्थान के मीडिया समन्वयक भगवान प्रसाद गौड़ ने बताया कि समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चयनित जोड़ों व उनके परिवारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज को सेवा, संवेदना और समर्पण का संदेश देगा तथा दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करेगा.