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TMC से बगावत के बीच NCPI की नई टीम! 27 सदस्यीय समिति में देव-रचना को जिम्मेदारी

Kolkata: TMC से अलग होकर NCPI में शामिल हुए सांसदों की सदस्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. इसी बीच NCPI ने मंगलवार को 27 सदस्यीय नई समिति का गठन किया. ज्योतिप्रकाश चट्टोपाध्याय को अध्यक्ष बनाया गया है. देव, यूसुफ पठान और रचना बनर्जी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि मिताली बाग और बापी हालदार महासचिव बनाए गए हैं.
 
KOLKATA

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर एनसीपीआइ का दामन थामने वाले सांसदों की सदस्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है। इसी बीच एनसीपीआइ ने मंगलवार को अपनी नई समिति का गठन कर 27 सदस्यीय समिति की सूची जारी की है। नई समिति में सांसद देव और रचना बनर्जी समेत कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

NCPI क्या है? जिसमें शामिल हुए हैं TMC के 20 बागी सांसद

ज्योतिप्रकाश चट्टोपाध्याय बने अध्यक्ष

नई समिति में ज्योतिप्रकाश चट्टोपाध्याय को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सांसद देव और रचना बनर्जी को भी समिति में जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, पूर्व की चर्चाओं में रहे डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बनर्जी को नई समिति में कोई पद नहीं दिया गया है।

देव, यूसुफ पठान और रचना बनर्जी उपाध्यक्ष

मंगलवार को घोषित 27 सदस्यीय समिति में अबू ताहेर, देव, यूसुफ पठान और रचना बनर्जी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मिताली बाग और बापी हालदार को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पार्टी की ओर से जारी नई सूची ऐसे समय में सामने आई है, जब सांसदों की सदस्यता को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

सांसदों की सदस्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला

एनसीपीआइ में शामिल हुए सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा महासचिव और 20 सांसदों को पक्षकार बनाया गया था। इसी मामले के आधार पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया था।

नोटिस के जवाब के लिए चार सप्ताह का समय मांगा

सांसदों की सदस्यता से जुड़े मामले में एनसीपीआइ सांसदों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है। सुदीप बनर्जी समेत संबंधित सांसदों ने चार सप्ताह का अतिरिक्त समय देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा है।

इस बीच नई समिति के गठन से पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव साफ तौर पर सामने आया है। अब इस समिति के जरिए पार्टी की आगामी गतिविधियों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।