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जेवर में विकास की नई उड़ान! मेडिकल हब, फार्मा क्लस्टर और ताइवान सिटी को मंजूरी, एयरपोर्ट क्षेत्र बनेगा बड़ा औद्योगिक केंद्र

 
जेवर में विकास की नई उड़ान! मेडिकल हब, फार्मा क्लस्टर और ताइवान सिटी को मंजूरी, एयरपोर्ट क्षेत्र बनेगा बड़ा औद्योगिक केंद्र

UP News: उत्तर प्रदेश में जेवर-नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में मेडिकल, फार्मा, शिक्षा, खेल, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

बैठक में सेक्टर-13 और 14 में 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब, 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 50 एकड़ में आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ में आधुनिक मंडी विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली।

इसके अलावा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास इंटरस्टेट बस अड्डे की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की गई है। सेक्टर-06 में 300 एकड़ भूमि पर ताइवान सिटी विकसित करने तथा 100 से 125 एकड़ में फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने का फैसला भी लिया गया है।

500 एकड़ में बनेगा मेडिकल हब

यीडा के सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित किया जाएगा। वहीं सेक्टर-14 में 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

50 एकड़ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम

खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-23डी में लगभग 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम विकसित किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों के साथ स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के अवसर मिल सकेंगे।

36 एकड़ में आधुनिक मंडी

किसानों को बेहतर बाजार और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर आधुनिक मंडी स्थापित करने के लिए जमीन चिन्हित की गई है। यहां कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा।

एयरपोर्ट के पास बनेगा इंटरस्टेट बस अड्डा

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-23सी में इंटरस्टेट बस अड्डे के लिए भूमि चिन्हित करने का फैसला लिया गया है। इससे एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

300 एकड़ में ताइवान सिटी

इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-06 में 300 एकड़ भूमि ताइवान सिटी के लिए आरक्षित की गई है। इससे ताइवान की कंपनियों और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े निवेश को आकर्षित करने की उम्मीद है।

125 एकड़ में फार्मा क्लस्टर

सेक्टर-06 में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जाएगा। यहां टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्टेबल, ओरल लिक्विड और अन्य दवाओं के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित करने की योजना है।

इस क्लस्टर के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकेंगे। इससे उत्तर प्रदेश को फार्मा मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग सुविधा

यीडा के मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। यह सुविधा FDA की ASCA मान्यता योजना के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

इससे मेडिकल डिवाइस निर्माताओं और MSME इकाइयों को देश में ही बेहतर परीक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी। इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कंपैटिबिलिटी, मैकेनिकल परफॉर्मेंस, सॉफ्टवेयर वैलिडेशन, स्टेरलाइजेशन और पैकेजिंग वैलिडेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

आगरा में करबन नदी पर बनेगा कलवर्ट

आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे की चैनेज 161.21 पर सर्विस रोड में करबन नदी के ऊपर कलवर्ट यानी माइनर ब्रिज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। बारिश के मौसम में जलभराव के कारण प्रभावित होने वाले आवागमन को इससे बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

किसानों से भूमि खरीद की दरों में बढ़ोतरी

यीडा क्षेत्र में किसानों से सहमति के आधार पर भूमि खरीद की दर में 6 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में भूमि खरीद की दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है।

वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड सहित भूमि क्रय का विकल्प भी निर्धारित किया गया है।

यीडा की आय में 90 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी

बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति भी प्रस्तुत की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक यीडा की कुल प्राप्तियां 974.37 करोड़ रुपये थीं, जो 2026-27 में इसी अवधि तक बढ़कर 1,853.74 करोड़ रुपये हो गईं। यानी कुल प्राप्तियों में 90.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

औद्योगिक/मिक्स लैंड योजना के तहत 1,195.99 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई। वहीं 31 जुलाई 2026 तक प्राधिकरण का कुल व्यय 3,690.64 करोड़ रुपये रहा, जिसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 3,371 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

जेवर बनेगा यूपी के नए आर्थिक विकास का बड़ा केंद्र

यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे नए आर्थिक क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, फार्मा क्लस्टर, ताइवान सिटी, मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और इंटरस्टेट बस अड्डे जैसी परियोजनाओं से उद्योग, निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कनेक्टिविटी को एक साथ गति मिलने की उम्मीद है।

जेवर एयरपोर्ट के साथ इन परियोजनाओं के विकास से यीडा क्षेत्र आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल हो सकता है।