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बारुईपुर एनकाउंटर केस में नया मोड़, CID ने जांच संभाली; Forensic Report और पुलिस अधिकारियों के बयानों पर रहेगी नजर

Kolkata: CID की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और फोरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेगी. इसके अलावा, घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ.
 
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Kolkata: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर एनकाउंटर मामले की जांच अब राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) करेगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने जांच अपने हाथ में ले ली है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है. जांच एजेंसी जल्द ही एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित कर्मियों के बयान दर्ज करेगी.

Crime Investigation Department (CID) officials arrive at TMC party office adjacent to the residence of TMC supremo Mamata Banerjee

सूत्रों के अनुसार, CID की टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और फोरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेगी. इसके अलावा, घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ.

सूत्रों के मुताबिक भबानी भवन ने घटना के समय मौके पर मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की एक लिस्ट तैयार की है. इसके अलावा जांचकर्ताओं ने उस पुलिस अधिकारी से अलग से पूछताछ की है जिसकी गोली से प्रभास मंडल की मौत हुई थी. क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) बरुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में आरोपी प्रभाष मंडल के एनकाउंटर केस की जांच करेगा.

सीआईडी जांचकर्ता इस एनकाउंटर से जुड़े हालात की जांच करेंगे. बरुईपुर जिले के पुलिस सुपरिटेंडेंट पहले ही मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों से अलग-अलग बात कर चुके हैं और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं. अब खबर है कि सीआईडी जांचकर्ता घटना के बारे में बारुईपुर जिला पुलिस के अधिकारियों से भी अलग से बातचीत कर सकते हैं.

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पुलिस टीम की कार्रवाई, हथियारों के इस्तेमाल, आत्मरक्षा की स्थिति और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पालन की भी समीक्षा की जाएगी. CID यह भी पता लगाएगी कि घटना के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया नियमों के अनुरूप थी या नहीं.

गौरतलब है कि बारुईपुर में हुए इस एनकाउंटर के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. घटना को लेकर कई सवाल उठे, जिसके बाद राज्य सरकार ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामला CID को सौंप दिया। अब जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

फिलहाल CID ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित पुलिस अधिकारियों को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. शुरुआती जांच पूरी होने के बाद एजेंसी अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी.