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अब मदद में नहीं होगी देरी! डायल 112 पर 5 मिनट में पहुंचेगी पुलिस, दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड लॉन्च

Kolkata: मुख्यमंत्री ने सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ का भी शुभारंभ किया. यह विशेष टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील इलाकों में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और महिला सुरक्षा से जुड़ीं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी. 
 
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Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' की शुरुआत की है. इस नई पहल के तहत आपात स्थिति में डायल 112 पर कॉल करने के बाद पुलिस को पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचने का लक्ष्य दिया गया है.

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राज्य पुलिस के अनुसार, दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड में प्रशिक्षित महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की विशेष टीमें शामिल होंगी, जो महिलाओं से जुड़े अपराध, छेड़छाड़, उत्पीड़न और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करेंगी. इस पहल के लिए डायल 112 प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नबान्न सभाघर से सभी थानों में साइबर क्राइम हेल्प डेस्क, महिला हेल्प डेस्क व प्रत्येक महकमे में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि महालया से राज्य में 112 इमरजेंसी कॉल सेवा शुरू होगी और सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी थाना क्षेत्र में 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंचे.

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज होगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही 112 हेल्पलाइन का उपयोग करें, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके. 

क्या है ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों में ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ का भी शुभारंभ किया. यह विशेष टीम सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेजों और संवेदनशील इलाकों में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और महिला सुरक्षा से जुड़ीं शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में गुजरात, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र में पुलिस छह मिनट के भीतर पहुंच जाती है, जबकि पश्चिम बंगाल में औसत प्रतिक्रिया समय लगभग तीन घंटे है. सरकार अगले एक वर्ष में इसे घटाकर पांच मिनट करने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस बार के बजट में प्रत्येक थाने के लिए 112 सेवा के लिए एक-एक वाहन की व्यवस्था की गयी है और अगले बजट में वाहनों की संख्या बढ़ायी जायेगी.

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500 थानों में महिला हेल्प डेस्क

मुख्यमंत्री ने राज्य के 500 थानों में महिला हेल्प डेस्क का शुभारंभ करते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम, अभया कांड व आरजी कर जैसी घटनाओं से सीख लेते हुए सरकार महिला सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनायेगी. उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को दबाने के बजाय तुरंत एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों में बुनियादी ढांचे और संसाधनों की कमी को दूर कर पश्चिम बंगाल पुलिस व कोलकाता पुलिस को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तर्ज पर आधुनिक और अनुशासित बनाया जायेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस के कार्य में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा.