इंदौर त्रासदी पर सीएम ने अब बड़े अफसरों को हटाया, कमिश्नर पर भी गिरी गाज...
Indore: इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 14 मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़ा एक्शन लिया है. सीएम ने पूरे मामले की समीक्षा की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की. इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने के निर्देश दिए हैं. प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए. साथ ही इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए.

इंदौर में जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत
जहरीला पानी पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 201 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें 32 को ICU में रखा गया है. 71 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है. भागीरथपुरा इलाके में अब भी डर का माहौल है, लोग पानी पीने से भी डर रहे हैं. गलियां सुनसान पड़ी हैं क्योंकि ज्यादातर लोग अस्पतालों में हैं.
इंदौर जहरीला पानी पीने के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने हाई लेवल बैठक बुलाई है. इंदौर घटना के बाद पूरे प्रदेश में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वर्चुअल बैठक में 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त और कलेक्टर शामिल होंगे. स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन और पीएचई विभाग की संयुक्त समीक्षा होगी. सीएम ने कहा कि पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. प्रदेशभर में जल वितरण व्यवस्था की जांच होगी. इंदौर जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सरकार सतर्क है.







