BRICS संसदीय मंच में PM मोदी की एंट्री, 21 देशों के प्रतिनिधि दिल्ली में जुटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 26 अक्टूबर को संविधान सदन में आयोजित 12वें BRICS संसदीय मंच में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने BRICS सदस्य और साझेदार देशों से आए संसदीय प्रतिनिधियों से मुलाकात की और संवाद किया. भारत की मेजबानी में हो रहे इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य विषय जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को मजबूत बनाना है.
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 12वें BRICS संसदीय मंच में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नई दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर के संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में विदेशी प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस मंच पर BRICS सदस्य और साझेदार देशों के संसदीय नेता एकत्र हुए, जहां संसदीय सहयोग को मजबूत बनाने और जन-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम में BRICS देशों के संसदीय अध्यक्षों और नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्ष, सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
ओम बिरला ने किया प्रतिनिधियों का स्वागत
कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। उन्होंने BRICS सदस्य देशों से आए संसदीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए संवाद, आपसी सम्मान और सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
अपने उद्घाटन संबोधन में बिरला ने कहा कि भारत में BRICS देशों के संसदीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी और साझा प्रतिबद्धता इस अवसर को खास बनाती है। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के एक मंच पर आने के महत्व पर जोर दिया।
संसदीय सहयोग और जन-केंद्रित विकास पर फोकस
12वें BRICS संसदीय मंच का प्रमुख उद्देश्य सदस्य और साझेदार देशों की संसदों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाना है। इस मंच पर प्रतिनिधियों को आपसी अनुभव साझा करने और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर मिला।
बैठक में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास को आगे बढ़ाने और संसदीय संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर रहा।
अंतरराष्ट्रीय संवाद के लिए साझा मंच
BRICS संसदीय मंच सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधियों को संसदीय प्रक्रियाओं, सहयोग और साझा चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर देता है। नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी और विदेशी प्रतिनिधियों से उनकी बातचीत कार्यक्रम के प्रमुख पहलुओं में शामिल रही।







