राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सियासी संग्राम तेज, योगी ने मांगे सबूत तो संजय सिंह बोले- ‘SIT को सौंपेंगे जमीन घोटाले के दस्तावेज’
UP News: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आरोप लगाने वालों से दस्तावेजी सबूत पेश करने की अपील के बाद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उनके पास अयोध्या जमीन खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार के ठोस दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वह विशेष जांच दल (SIT) को सौंपेंगे।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े जमीन सौदों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ जमीनों की खरीद वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दर पर की गई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में शामिल लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
आप सांसद ने कहा कि अयोध्या में जमीन खरीद से जुड़े कई अहम दस्तावेज उनके पास हैं और वे इन्हें जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं अयोध्या में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी के पास किसी भी प्रकार का प्रमाण है तो वह उसे SIT को सौंपे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच पूरी होने से पहले बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि SIT निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सामने लाएगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” कर देगी।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अयोध्या और राम मंदिर की छवि को धूमिल करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
राम मंदिर चढ़ावा और जमीन खरीद विवाद को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर पहुंच गई है। एक ओर विपक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर सरकार और प्रशासन का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और निष्कर्ष सामने आने तक किसी भी तरह की अटकलों से बचना चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हैं और अब सभी को SIT की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे इस विवाद पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।







