पूर्व से दक्षिण तक सियासी भूचाल, क्या ममता युग का अंत! बंगाल के बाद तमिलनाडु-केरल में भी बदला सत्ता समीकरण
Vidhan Sabha Chunav Parinam 2026: लोकसभा/विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच पश्चिम बंगाल से बड़ी सियासी खबर सामने आ रही है. शुरुआती और मध्य रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि लंबे समय से सत्ता में रही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी को बड़ा झटका लगा है. यदि ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो बंगाल की राजनीति में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है.
एक केंद्र शासित प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में नतीजों की घड़ी आ गई है. वोटों की गिनती के साथ ही रुझान आने शुरू हो गए हैं. बंगाल के रुझानों में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. वहीं असम में बीजेपी आगे चल रही है जबिक केरलम में यूडीएफ को बढ़त दिख रही है. वहीं तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके अपनी बढ़त को कायम किए हुए है. जिन पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आज आ रहे हैं, उनमें पश्चिम बंगाल और असम के साथ ही केरल और तमिलनाडु भी शामिल हैं. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में रंगास्वामी राज जारी रहेगा या सत्ता बदलेगी, इसका फैसला भी आज आएगा.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. जिन पर वोट डाले गए थे. पहले चरण में 152 सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था. वहीं, दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे. एक सीट पर पुनर्मतदान होना है, जिसकी वजह से आज 293 सीटों के नतीजे आ रहे हैं. शुरुआती रुझानों में बीजेपी और टीएमसी के बीच टाइट फाइट नजर आई, लेकिन अब बीजेपी ने बड़ी लीड ले ली है.
बंगाल में बदला सियासी मिज़ाज
मतगणना के दौरान शहरी और अर्ध-शहरी सीटों पर भाजपा ने मजबूत बढ़त बनाई है. कई पारंपरिक टीएमसी गढ़ों में भी कांटे की टक्कर देखी जा रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एंटी-इनकंबेंसी, संगठनात्मक विस्तार और आक्रामक चुनावी रणनीति भाजपा के पक्ष में जाती दिख रही है. वहीं, टीएमसी खेमे में रुझानों को लेकर चिंता बढ़ी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम नतीजों से पहले तस्वीर साफ होने का इंतजार किया जाना चाहिए.
तमिलनाडु और केरल में भी उलटफेर
केवल बंगाल ही नहीं, दक्षिण भारत से भी चौंकाने वाले संकेत मिल रहे हैं. तमिलनाडु और केरल में भी सत्तारूढ़ दलों के लिए मुकाबला कठिन होता दिख रहा है. कुछ प्रमुख सीटों पर विपक्षी दलों ने बढ़त बना ली है, जिससे पारंपरिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय कारकों- जैसे महंगाई, रोजगार और प्रशासनिक प्रदर्शन का असर दक्षिणी राज्यों में भी दिखाई दे रहा है.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा खेमे में रुझानों को लेकर उत्साह है. नेताओं ने इसे “जन-समर्थन का संकेत” बताया है, जबकि विपक्ष ने संयम बरतते हुए अंतिम नतीजों का इंतजार करने की बात कही है. टीएमसी और अन्य क्षेत्रीय दलों का कहना है कि कुछ सीटों पर मतगणना के अंतिम दौर में समीकरण बदल सकते हैं.
आगे क्या?
- यदि रुझान कायम रहते हैं, तो बंगाल में सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है.
- तमिलनाडु और केरल में अंतिम परिणाम क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करेंगे.
- राष्ट्रीय राजनीति पर इन नतीजों का व्यापक असर पड़ सकता है.







