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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ी सियासी तकरार, अनुपम खेर के बयान पर अखिलेश का पलटवार; कंगना ने भी कांग्रेस को घेरा

 
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बढ़ी सियासी तकरार, अनुपम खेर के बयान पर अखिलेश का पलटवार; कंगना ने भी कांग्रेस को घेरा

Lucknow News: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक बयानबाज़ी का केंद्र बन गया है। अभिनेता अनुपम खेर के बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए इस पूरे विवाद को नई राजनीतिक दिशा दे दी है।

दरअसल, अयोध्या दौरे के दौरान अनुपम खेर ने राम मंदिर में कथित चोरी की घटना पर कहा था कि चोरी करने वाले हर जगह हो सकते हैं, लेकिन इससे मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जिस मंदिर के निर्माण में सदियों का संघर्ष लगा हो, उसकी गरिमा कुछ लोगों की हरकतों से कम नहीं हो सकती। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी के घर में चोरी हो जाए तो दोष चोर का होता है, घर का नहीं।

अनुपम खेर के इस बयान पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि चोरी के मामले में चोरों को छोड़कर सवाल उठाने वालों को नसीहत देना समझ से परे है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोरों के प्रति इतनी सहानुभूति के पीछे कोई न कोई वजह या राजनीतिक मजबूरी जरूर होगी।

गौरतलब है कि अनुपम खेर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘श्री राम भूमि’ की शूटिंग के सिलसिले में अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन कर भगवान राम का आशीर्वाद लिया। अभिनेता ने बताया कि फिल्म की शूटिंग अयोध्या में करीब 10 से 12 दिनों तक चलेगी और किसी भी नए कार्य की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद से करना शुभ माना जाता है।

इस बीच भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी इस विवाद पर कांग्रेस को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कंगना ने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और राम मंदिर जैसे पवित्र विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से जनता के मुद्दों पर ध्यान देने और अपने वादों को पूरा करने की बात भी कही।

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला अब केवल जांच का विषय नहीं रह गया है, बल्कि इसे लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक इस मुद्दे पर बहस लगातार जारी है।